मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वालंबन के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का साकारात्मक परिणाम तभी सामने आएगा, जब इसमें जनसहभागिता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेंगे तो महिलाओं की समस्याओं का समाधान स्वत: हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में आधी आबादी के साथ भेदभाव व बर्बरता एक प्रमुख समस्या है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकरं चलने से ही इसका समाधान होगा। समाज जब भी अपनों के साथ भेदभाव करता है तो नेपाल जैसी माओवाद की समस्या सामने खड़ी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सबसे मजबूत आधार बताया।
मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्जवलन के साथ ही ‘मिशन शक्ति’ अभियान के दूसरे चरण की भी शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं व बेटियों के उत्थान व स्वालंबन और सुरक्षा के लिए बहुत से काम किए हैं। मिशन शक्ति भी सरकार की उन कोशिशों का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ औपचारिता निभाने के लिए ही महिला दिवस मनाए जाते थे, लेकिन अब औपचारिकताओं से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। इसलिए सरकार ने समयबद्ध और साकारात्मक सोच के साथ कई योजनाओं को शुरू किया है। उन्होंने सभी सामाजिक, व्यावसायिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के साथ जुड़कर उनके सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा महिला सशक्तीकरण का सबसे मजबूत आधार है। इसलिए सरकार ने महिलाओं की शिक्षा को लेकर काफी काम किए हैं। कायाकल्प योजना के तहत प्राइमरी स्कूलों को कानवेंट स्कूल की तरह तैयार किया गया है। अब तक 93 हजार विद्यालयों को पब्लिक स्कूल में तब्दील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का भी बहुत फायदा मिला है। उन्होने कहा कि तीन साल में 54 लाख बच्चों को स्कूल भेजा गया है। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधी आबादी को बराबरी का दर्जा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। जब तक महिलाएं जागरूक नहीं होंगी तब तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगी।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला वाथम, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण व वित्त एस. राधा चौहान समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आईजी लखनऊ लक्ष्मी ने सिंह ने संचालन किया। कार्यक्त्रस्म के दौरान सूचना विभाग द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। फिल्म के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षाए सम्मान व सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी गयी। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन नीरा रावत ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कई योजनाओं का हुआ शुभारंभ व लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ 13 लाख 25 हजार की लागत से बने 13 बालिका छात्रावासों और 15 करोड़ 10 लाख 79 हजार की लागत से तैयार 4 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का लोकार्पण किया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा ने 18 पुलिस परिक्षेत्रीय कार्यालयों में महिला साइबर क्राइम सेल और जिलों के थाने के समकक्ष महिला पुलिस चौकीपरामर्श केन्द्र का लोकार्पण किया। इसके अलावा इंडियन बैंक की सीईओ एवं प्रबन्ध निदेशक पद्मजा चुन्दुरु ने सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत लखनऊ सिटी में स्थापित 45 पिंक बूथ,18 पिंक शौचालय और 660 स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण एवं नवीन आशा ज्योति केन्द्र भवन का शिलान्यास किया।