मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य शिक्षक पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी है। पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों ने जितना किया है अब उन्हें उससे आगे बढ़ना है और दूसरों के सामने एक उदाहरण पेश करना है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। वे सोमवार को शिक्षक दिवस पर लोकभवन में हुए शिक्षकों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने पुरस्कृत शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि वे इस नई जिम्मेदारी को संभालकर रखें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कल उनकी कार्यपद्धति पर कोई प्रश्नचिह्न खड़ा हो। उन्होंने अब तक जो किया है, उससे उनकी स्वयं की प्रतिस्पर्धा होगी। अब उनको इससे आगे बढ़कर काम करना है और कुछ नया करके दिखाना है और समाज को कुछ नया देना है। एक शिक्षक सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं होता। वह राष्ट्र निर्माता भी होता है। हर शिक्षक कुछ नया कर सकता है। शिक्षा सिर्फ सैद्धांतिक न हो, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक व तकनीकी रूप से सक्षम भी बनाए।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की ओर से किए गए उल्लेखनीय बदलावों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा के 10 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार व विभिन्न बोर्डों के मेधावियों के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सीएम ने सम्मानित किया। समारोह को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने भी संबोधित किया।
स्कूल में बच्चों का झाड़ू लगाना गलत नहीं
सीएम ने कहा कि स्कूल में बच्चों का झाड़ू लगाना गलत नहीं है। शिक्षक को भी बच्चों के सामने झाड़ू लगाकर उस प्रक्रिया से जुड़ना चाहिए। यह स्वाबलंबन का लक्षण है। इसमें नकारात्मकता नहीं होनी चाहिए। काम कोई छोटा, बड़ा नहीं होता। जो विद्यालय हमें हर सुविधा दे रहा है, आगे बढ़ने का मंच दे रहा है, वह मंदिर जैसा होना चाहिए। उन्होंने पुरातन छात्रों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दिया। कहा, इससे विद्यालयों का बिना सरकारी सहायता के भी कायाकल्प हो सकता है।
बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों को सीएम ने राज्य पुरस्कार से किया सम्मानित
- बाराबंकी : उच्च प्राथमिक विद्यालय कोपवा सिद्धौर के सहायक अध्यापक दिनेश कुमार वर्मा।
- मिर्जापुर : प्राथमिक विद्यालय भगेसर, पहाड़ी के प्रधानाध्यापक के रविकांत द्विवेदी।
- भदोही : उच्च प्राथमिक विद्यालय कोइलरा औराई की सहायक अध्यापक ज्योति कुमार।
- अयोध्या : प्राथमिक विद्यालय रुरुखास के प्रधानाध्यापक मनीष देव।
- आजमगढ़ : प्राथमिक विद्यालय जिवली, ठेकमा के प्रधानाध्यापक सदाशिव तिवारी।
- हापुड़ : संविलियन विद्यालय राजपुर सिंभावली की सहायक अध्यापक अरुणा कुमारी राजपूत।
- प्रतापगढ़ : उच्च प्राथमिक विद्यालय मरुआन, बाबा बेलखरनाथ धाम की सहायक अध्यापक रश्मि मिश्रा।
- आगरा : प्राथमिक विद्यालय नगला पैमा बरौली अहीर के सहायक अध्यापक श्रीकांत कुलश्रेष्ठ।
- बलरामपुर : उच्च प्राथमिक विद्यालय सहजौरा (कंपोजिट), रेहरा बाजार के सहायक अध्यापक श्रीराम हरिजन।
- गोंडा : कंपोजिट विद्यालय बाबा मठिया वजीरगंज के सहायक अध्यापक सुनील कुमार।
टॉपर्स के माध्यमिक विद्यालयों के ये प्रिंसिपल सम्मानित
- आभा अनंत : प्रधानाचार्य सीएमएस गोमतीनगर लखनऊ
- रमेश चंद वर्मा : प्रधानाचार्य अनुभव इंका. मुरलीपुर रार, कानपुर।
- विक्रम सिंह : प्रधानाचार्य जय मां एसजीएमआईसी राधानगर, फतेहपुर।
- नीरज भारद्वाज : प्रधानाचार्य श्रीलक्ष्मण दास यजुर्वेद सं.मा.वि. बुलंदशहर।
- सरिता गुप्ता : प्रधानाचार्य गंगोत्री देवी उ.मा.सं.बालिका वि.गौरी बलिया।
- आशु त्यागी : प्रधानाचार्य स्काटिश इंटर कॉलेज, खीरी, कर्मू, शामली।
- रेनू सिंह : प्रधानाचार्य एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-44, नोएडा।
- वनिता मेहरोत्रा : प्रधानाचार्य शेलिंग हाउस स्कूल, कानपुर।
समारोह में यह भी रहा खास
- समारोह में माध्यमिक शिक्षा के विभिन्न पोर्टल की शुरुआत भी की गई। इनमें पहुंच, पंख, प्रज्ञान, परख और पहचान पोर्टल शामिल हैं।
- 39 नवीन हाईस्कूल व 14 नवीन इंटर कॉलेज भवनों के निर्माण का शिलान्यास।
- कौशल विकास मिशन व माध्यमिक शिक्षा विभाग के बीच विभिन्न 150 विद्यालयों में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने का अनुबंध।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं व दिव्यांग श्रेणी के कुल 1.02 लाख छात्र-छात्राओं को स्टाइपेंड व एस्कार्ट अलाउंस डीबीटी से खातों में भेजा गया।