मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए पूरी सावधानी बरतने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि अनलॉक का मतलब स्वतंत्रता नहीं है। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र न हों।
पुलिस प्रभावी पेट्रोलिंग करते हुए भीड़ को एकत्र होने से रोके। मुख्यमंत्री शनिवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने 15 से 30 जून के एक करोड़ मानव दिवस प्रतिदिन सृजित करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
कहा कि इस कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग अपनी गतिविधियों और कामों को चिह्नित करें। इस अवधि में कृषि, उद्यान, वन विभाग द्वारा पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण की योजना, चेक डैम निर्माण, जल जीवन मिशन से जुड़े कामों सहित विभिन्न कार्य करते हुए रोजगार उपलब्ध कराए जाए।
उन्होंने नगर विकास विभाग तथा ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिए कि स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार देने के संबंध में एक जिले का चयन करते हुए उसका अध्ययन करें। स्ट्रीट वेंडरों को पीएम पैकेज के साथ जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने का एक मॉडल तैयार करें।
उन्होंने कहा कि पटरी दुकानदारों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष आर्थिक पैकेज में 10 हजार रुपए के ऋण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने पटरी दुकानदारों को इस योजना का लाभ सुनिश्चितत कराने के निर्देश दिए। कहा कि पटरी दुकानदारों के लिए ऐसे स्थान चयनित किए जाएं, जहां वे सुगमतापूर्वक अपना कारोबार कर सकें और यातायात भी अवरुद्ध न हो।
श्रमिकों को किराए पर सस्ते मकान उपलब्ध कराएं
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि कोई सड़क पर न सोए । प्रधानमंत्री के पैकेज में श्रमिकों, कामगारों के लिए किराए पर मकान उपलब्ध कराने के लिए भवन निर्माण की व्यवस्था है। इस प्रावधान का भरपूर उपयोग किया जाए, ताकि श्रमिकों के लिए किफायती किराए पर सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवास की व्यवस्था की जा सके।