राम मंदिर भूमि पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जोर-शोर से अयोध्या के विकास की तैयारी में जुट गए हैं। मंदिर निर्माण पूर्ण होने के पहले ही अयोध्या को वैश्विक स्तर के शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
अयोध्या को आस्था, आध्यात्मिकता, पर्यटन के साथ-साथ व्यापार और रोजगार का केंद्र भी बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी अयोध्या के विकास को लेकर आज शाम एक बैठक करेंगे।
इस बैठक में अयोध्या में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा और आगे उठाए जाने वाले कदमों का प्रस्तुतीकरण होगा। अयोध्या के साथ-साथ अयोध्या मंडल के अधिकारियों के साथ भी मुख्यमंत्री योगी बात करेंगे।
पर्यटन विभाग के अनुमान के अनुसार 2021 में लगभग ढाई करोड़ पर्यटक अयोध्या आ सकते हैं। साल 2031 तक यह संख्या 6:30 करोड़ से अधिक होगी। संभावित पर्यटकों को देखते हुए उसके अनुरूप सुविधाएं विकसित करने पर जोर देने की योजना है।
अभी तक अयोध्या में राम की पैड़ी, गुप्तार घाट, दिगंबर अखाड़ा में बहुदेशीय हाल, लक्ष्मण किला घाट का निर्माण हो चुका है। राम कथा पार्क, तुलसी उपवन स्ट्रीट लाइटिंग बस स्टैंड का निर्माण अंतिम चरण में है।
राजा दशरथ का समाधि स्थल, गुप्तार घाट के मंदिर में लाइट का काम पूरा हो चुका है। अभी अयोध्या के समस्त पर्यटन स्थलों के विकास हेतु लगभग 200 करोड़ का प्रस्ताव तैयार है।
20 से अधिक होटल और रिसॉर्ट के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। योगी सरकार अयोध्या को विश्व सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। आवास विकास परिषद अयोध्या में 600 एकड़ से अधिक क्षेत्र में हाउसिंग स्कीम लेकर आने की तैयारी में है।
प्राचीन वैदिक नगरों की तरह करमुखा यानी धनुराकार पद्धति के अनुसार लेआउट विकसित किया जाएगा। इससे भगवान राम की प्रतिमा के निकटवर्ती क्षेत्र से योजना के दूरस्थ भागों तक सड़कें इस प्रकार नियोजित की जाएंगी कि वे सूर्य की किरणों की भांति सड़कों के रूप में विस्तारित होती दिखेंगी।
योजना का विकास वैदिक और स्मार्ट सिटी के समन्वित रूप में किया जाएगा। इन कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए वैश्विक स्तर के सलाहकार जोड़े जाएंगे।