मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में दशकों बाद औद्योगिक वातावरण देखने को मिला है। 2017 से पहले के सपने अब धरातल पर उतर रहे हैं। अब न सिर्फ औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है बल्कि रोजगार की संभावनाओं को भी नित नई ऊंचाइयां मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सौ दिनों में गृह विभाग के माध्यम से 10 हजार नौकरी देने का लक्ष्य पूरा किया गया है। ऋण मेले के माध्यम से एक लाख 90 हजार उद्यमों को 16 हजार करोड़ रुपये के ऋ ण वितरण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। यही नहीं, पूरे वर्ष में दो लाख 35 हजार करोड़ रुपये के ऋण नौजवानों को देने का कार्य करेंगे।
बेरोजगारी दर 18 से घटकर हुई 2.9 फीसदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल में प्रदेश की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। प्रदेश के बजट को भी दोगुना किया है। सीएमईआई के ताजा डाटा के अनुसार, प्रदेश में 2016-17 में बेरोजगारी दर 18 फीसदी थी, जो घटकर 2.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
यह औद्योगिक निवेश, दी गई सरकारी नौकरियां, ओडीओपी स्कीम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और अन्य योजनाओं को आगे बढ़ाने का परिणाम है। 2018 में एक जिला-एक उत्पाद योजना शुरू की गई थी। 21 सेक्टोरल स्कीम लागू करने के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। ओडीओपी ने प्रदेश को निर्यात का हब भी बनाया है। इस वर्ष निर्यात एक लाख 56 हजार करोड़ रुपये का है, जो वर्ष 2016-17 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये के आसपास था।
आगरा, कानपुर व गोरखपुर में शुरू किया फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जीबीसी-3 में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इसमें 14 सौ से अधिक परियोजनाएं कवर हो रही हैं। प्रदेश में पहली बार उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर स्थापित करने का हब बन रहा है। 15950 करोड़ रुपये से अधिक लागत के चार नए डाटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं। इनमें चार हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन सौ दिनों में मेडिकल डिवाइस पार्क का शिलान्यास भी हुआ। पहली बार आगरा, कानपुर और गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स परियोजना शुरू की गई है।
हर तहसील मुख्यालय पर अग्निशमन केंद्र
सीएम ने कहा कि हमारा प्रयास है कि अगले दो वर्ष में हर तहसील मुख्यालय में अग्निशमन केंद्र की स्थापना हो। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम है कि यहां निवेश की अनेक संभावनाएं सामने आई हैं। इसने रोजगार के सृजन की संभावनाओं को भी आगे बढ़ाया है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की सरकार की नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।