सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भ्रष्टाचार और माफिया विकास के बैरियर हैं। इसलिए पिछली सरकारों के विपरीत हमारी संवेदनाएं गरीब, निराश्रित, दलित और अति पिछड़ों के साथ हैं। सुरक्षा, सुशासन और विकास के मार्गों के अवरोधों को सरकार हटा रही है। हमारी दृष्टि सबका साथ और सबका विकास की है। आज जाति, धर्म और पंथ देखकर कोई भेदभाव नहीं होता। सरकारी नौकिरयों में अब एक गांव और एक जिले से नियुक्ति का समय चल गया है, जो बदलते यूपी का प्रतीक है।
योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन में अल्पसंख्यक और प्राविधिक शिक्षा विभाग के नए चयनित 240 कनिष्ठ सहायकों व कम्प्युटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवाओं में मानव हस्तक्षेप रहित प्रक्रिया अपनाकर नियुक्ति दी जा रही है। पिछले 6 वर्षों में प्रदेश ने नई ऊंचाइयों को हासिल किया है। जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया छह माह में पूरी करके दिखाई है। इसमें 60 जिलों से अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। अब एक क्षेत्र नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को बिना किसी भेदभाव के मौके मिल रहे हैं। कौन कहां नियुक्त होकर जाएगा, यह न किसी मंत्री और न ही किसी प्रमुख सचिव को पता होता है।
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एक टेबल पर तीन दिन से ज्यादा नहीं रुकेगी फाइल
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के विकास में कम्प्युटर सहायकों की बड़ी भूमिका होती है। यूपी में फाइलें अब लटकती नहीं हैं। आज प्रदेश ने सुरक्षा, कारोबारी सुगमता और रहन-सहन में आसानी के लक्ष्यों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अब तीन दिन से अधिक फाइल एक टेबल पर नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए नई व्यवस्था की जा रही है, क्योंकि पेंडेंसी से भ्रष्टाचार पनपता है। आज जब भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया गया तब आप जैसे प्रतिभाशाली लोगों को स्थान मिल पाया है। अन्यथा 2017 के पहले यह सपना था। तब भर्तियां निकलते ही मंत्री, सचिव और उनके रिश्तेदार सक्रिय हो जाते थे।
ऐसे लोग नियुक्त हो जाते थे जिन्हें कम्प्युटर के बारे में कुछ आता नहीं था, एकाउंटेंसी नहीं आती थी। फिर फाइल कैसे बढ़ती। योगी ने कहा कि पहले फाइलें 54 टेबल पर जाती थीं, मगर अब सिंगल टेबल कर दिया गया है। जिस तरह से एयरपोर्ट पर लगेज आगे बढ़ाने के लिए सिस्टम होता है, ठीक उसी तरह से हमने फाइलें आगे बढ़ाने की व्यवस्था की है। तकनीक ने इस काम को आसान कर दिया है। सीएम ने नियुक्ति पत्र पाने वालों का आह्वान किया कि प्रयास करें कि आपके स्तर पर कोई फाइल नहीं रुके, क्योंकि जिसके स्तर पर फाइल रुकी होगी, उसकी जवाबदेही भी तय होगी।
जानकारी के अभाव से पनपते हैं दलाल
सीएम ने कहा कि जब योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी आम लोगों को नहीं होती है तो दलाल सेंध लगाते हैं। इसे रोकना ही लक्ष्य है। प्रदेश में 6 लाख से ज्यादा रोजगार हमने उपलब्ध कराए हैं। सीएम ने कहा कि पिछले 3 साल में जहां अन्य राज्यों की वृद्धि दर नकारात्मक है, वहीं हम सकारात्मक वृद्धि दर के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश अब फाइलों की जीरो पेंडेंसी की ओर बढ़ रहा है। जिसे मोबाइल चलाना आता है, वह ई-फाइल को भी आसानी से निस्तारित कर सकता है।
गरीब मुस्लिमों को ला रहे मुख्यधारा में : धर्मपाल सिंह
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यह पहला मौका है, जब किसी विभाग ने मानव संपदा पोर्टल के जरिये नियुक्ति पत्र दिए हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उपलब्धियां सामने रखते हुए कहा कि अब मदरसों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि गरीब मुस्लिम भी मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कि प्रदेश में पहली बार सरकारी खर्च पर हज सेवकों की व्यवस्था की जा रही है। आभार अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग, अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा एम देवराज भी उपस्थित रहे।
नियुक्ति पाने वालों ने पारदर्शी प्रक्रिया के लिए जताया आभार
नियुक्ति पत्र पाने वाली मुरादाबाद की अकांक्षा रानी ने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग में चयन पारदर्शी ढंग से हुई है। प्रयागराज के विवेक कुमार तिवारी ने कहा कि यूपी में बदलाव साफ दिख रहा है। प्राविधिक शिक्षा विभाग में कंप्युटर ऑपरेटर के तौर पर नियुक्त हुईं दीपाली श्रीवास्तव ने इसे नारी व युवा सशक्तिकरण का प्रतीक करार दिया। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुनः नौकरी पाने वाले बरेली से धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे।