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बांदा पहुंचे सीएम ने किया आठ को सस्पेंड

Tue, 03 Dec 2013 12:08 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को बांदा व फतेहपुर जिलों के औचक निरीक्षण पर निकले तो अफसरों के रवैये को देखकर हतप्रभ रह गए।
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अफसरों की लापरवाहियां और मनमानियों के मामले सामने आए।

आखिरकार पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा व नहर विभाग के सात इंजीनियर सस्पेंड कर दिए गए। बांदा के पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया।

खराब सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश दुबे व प्रमुख अभियंता चित्रा स्वरूप से मुख्यमंत्री ने स्पष्टीकरण तलब किया।

गत 7 अगस्त को रायबरेली के औचक निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने इस बार बुंदेलखंड की ओर रुख किया।

सोमवार को वह बांदा पहुंचे तो पता चला कि अफसर किस तरह मनमानी तरीके से काम कर रहे हैं जबकि विकास कार्य ठप पड़े हैं।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिलने व काम में लापरवाही पर बांदा के पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (निर्माण खंड-1) राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता (निर्माण खंड-दो) लालजी व अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड केके पाहूजा को तत्काल निलंबित कर इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई।

विभाग के प्रमुख सचिव व प्रमुख अभियंता से भी जवाब तलब किया गया है।

अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड-तृतीय बांदा दीपक कुमार को भी उच्चाधिकारियों की बैठक में न जाने, मुख्यालय से गायब रहने व काम में रुचि न लेने के कारण निलंबित कर दिया गया।
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केन नहर प्रखंड बांदा केअधिशासी अभियंता केएन गुप्ता, नलकूप खंड बांदा के अधिशासी अभियंता शमीम अहमद व विद्युत वितरण खंड बांदा के अधिशासी अभियंता नेकीराम को भी ऐसी ही आरोपों में निलंबित किया गया है।
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लापरवाही पर जिले के पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पीके सिंह यादव को भी सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बांदा के बाद फतेहपुर जिले की ओर रुख किया लेकिन वहां किसी तरह की कार्यवाही नहीं की।

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