पार्क रोड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में महीनों के इंतजार के बाद पीआईसीयू वार्ड का लोकार्पण मुख्यमंत्री के अन्य व्यस्त कार्यक्रम के चलते रद्द हो गया।
शुक्रवार को अस्पताल में बने नए बाल रोग विभाग, पीआईसीयू वार्ड का शुक्रवार को दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों उद्घाटन होना था।
लेकिन मुख्यमंत्री के दूसरे व्यस्त कार्यक्रम के चलते पूरे कार्यक्रम को रद्द करना पड़ गया। अस्पताल प्रशासन ने कार्यक्रमी की पूरी तैयारी कर ली थी।
चिड़ियाघर रोड की तरफ बने नए गेट से लेकर नए वार्ड तक मुख्यमंत्री के स्वागत में रेड कारपेट बिछाया था लेकिन मुख्यमंत्री के न आने की सूचना मिलने के बाद उसे फौरन बटोर लिया गया।
सूचना मिलने के बाद वार्ड के सभी कमरो में ताला बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी का आलम ये था कि अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर दोपहर बारह बजे तक वार्ड के आसपास चक्कर लगाते नजर आए।
रोजाना सिविल ड्रेस में अस्पताल आने वाले कर्मचारी आज सफेद लिबाज में तैयार होकर अपने रोजमर्रा के काम में लगे थे लेकिन सूचना मिलने के बाद उनके चेहरे पर मायूसी छा गई।
गौरतलब है कि अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड फुल एसी बनाया गया है जिसमें टीकाकरणकक्ष के साथ बाल रोग विशेषज्ञो की ओपीडी इसी भवन में बनाई गई है।
हजारो रुपए का हुआ नुकसान
सिविल अस्पताल में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। पीआईसीयू वार्ड पूरी तरह से गेंदे के फूल और मालाओं से सज चुका था लेकिन दौरा अचानक रद्द होने से हजारो रुपए बर्बाद हो गए।
अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक कम से कम पांच हजार की फूल, माला और बुके मंगाए गए थे लेकिन दौरा रद्द होने से सब बेकार हो गया।
इसी तरह अस्पताल की ओपीडी के सामने और इमरजेंसी के सामने टेंट लगाने के लिए हजारो रुपए खर्च किए गए थे लेकिन दौरा रद्द होने की सूचना के बाद उसे हटा दिया गया।
व्यवस्था के लिए खदेड़े गए तीमारदार
अस्पताल में मुख्यमंत्री के आगमन के चलते मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में सबसे ज्यादा मुसीबत तीमारदारो को हुई जो अस्पताल के बरामदों, दवा और पर्चा काउंटर पर लगी कुर्सियों पर बैठकर दिन काटते हैं।
अस्पताल के कर्मचारियों और गार्डो ने इन सभी लोगों को कई बार इधर-उधर बैठने से मना किया। दवा और पर्चा काउंटर पर भीड़ को कम करने के लिए लोगों को ओपीडी की तरफ भेज दिया गया जिससे काउंटर पर अव्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो।
इसी तरह पार्किग को लेकर भी कई बार गार्ड और अस्पताल आने वाले लोगों से बहस हुई। अस्पताल में मची अफरा-तफरी के चलते लोगों को अपनी गाड़िया पार्क रोड के किनारे खड़ी करनी पड़ी जिससे जाम की स्थिति बन गई।