मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी के खरगापुर में सदर तहसील के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रदेश वासियों को घर बैठे ऑनलाइन गैर विवादित वरासत और हैसियत प्रमाणत्र बनवाने की दो बड़ी सुविधाओं की सौगात दी। हैसियत का मूल्यांकन आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त ‘प्राइवेट वैल्युर’ से भी कराया जा सकेगा। योगी ने इन सुविधाओं का यहां शुभारंभ कर दिया। ‘अमर उजाला’ ने तीन अक्तूबर के अंक में ही योगी सरकार द्वारा इन सुविधाओं की सौगात दिए जाने की तैयारी संबंधी खबर प्रकाशित की थी।
मुख्यमंत्री ने यहां समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि डेढ़ साल पहले जब उन्होंने सरकार संभाली थी, तब कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध से प्रदेश की पहचान का संकट था। उनकी सरकार ने ‘टीम वर्क’ के साथ काम कर संगठित अपराध और राजनीतिक संरक्षण में अराजक गतिविधि पर काफी नियंत्रण पा लिया है। पर, राजस्व विवाद और खेत-मेढ़ से जुड़े विवाद में लोगों की जान जा रही है।
यह चुनौती अभी भी बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी विवाद को प्रारंभ में ही गंभीरता से लेने और तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग कर इस संकट का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने राजस्व प्रशासन के कामकाज में तकनीक के प्रयोग को तेजी से अपनान के लिए राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार और उनकी टीम की सराहना की। योगी ने कहा कि सरकार राजस्व प्रशासन को एक बेहतर सिस्टम और इन्फ्रास्ट्रक्चर देने का प्रयास कर रही है। नई तहसील उसी ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन वरासत और ऑनलाइन हैसियत प्रमाणपत्र 20 दिन में देने की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को सरकारी दफ्तर का चक्कर लगाने से छुट्टी मिलेगी। आने वाले दिनों में ये प्रमाणपत्र इससे भी कम समय में देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने मोहनलाल गंज के सांसद कौशल किशोर और क्षेत्रीय विधायक अविनाश त्रिवेदी द्वारा उठाई गई क्षेत्र की समस्याओं का समयसीमा तय कर समाधान कराने का एलान भी किया।