आईसीयू वार्ड से निकलने के बाद सीएम मुख्य गेट के सामने मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे। इसी बीच सोनी उनसे मिलने की गुहार लगाने लगी, लेकिन पुलिस-प्रशासन के लोग उसे दूर ले जाने को घसीटने लगे। इससे वह चिल्लाने लगी तो अन्य तीमारदार भी साथ आ गए। करीब पांच मिनट तक सीएम हंगामे को नजरअंदाज करते रहे। फिर भी स्थिति सामान्य न हुई तो निजी स्टाफ से महिला को बुलाने का इशारा किया। सीएम के पास पहुंचकर सोनी ने उनके पैर छुए और कहा, आप मुख्यमंत्री हैं, मेरे भाई को बचा लीजिए। डॉक्टर उसके पैर काट देंगे। दो दिन बीत गए, इलाज शुरू नहीं किया गया है। इस पर सीएम ने कुलपति की ओर इशारा किया और आगे बढ़ गए।
सीएम के जाते ही ट्रॉमा सेंटर के सुरक्षाकर्मियों ने सोनी को धमकाना शुरू कर दिया। कहा, मुख्यमंत्री तो जा चुके हैं और इलाज को यहीं के चिकित्सकों को करना है। इस पर मीडियाकर्मियों ने विरोध किया तो कुछ डॉक्टर गुस्सा गए। काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।
राजनारायण के तीमारदार ने सीएम से मुलाकात कर इलाज में सहयोग का अनुरोध किया, जबकि उसका उपचार चल रहा है। मरीज बर्जर नाम की बीमारी से ग्रस्त है। इसमें शरीर के अंग काले पड़कर सड़ने लग जाते हैं। कई बार प्रभावित अंग की सर्जरी करनी पड़ती है। यह बात तीमारदार को बताई तो वह घबरा गई। उसे लगा पैर काट दिया जाएगा। चिकित्सक मरीज के पैर व अंगुलियां बचाने के प्रयास में लगे हैं। बहुत आवश्यक हुआ तो अंगुलियां काटनी पड़ेंगी।
- प्रो. संतोष कुमार, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू