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‘मुख्यमंत्री जी मेरे भाई को नहीं मिल रहा इलाज, उसे बचा लीजिए...’

Sat, 22 Dec 2018 12:11 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम से शिकायत करती महिला
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ट्रॉमा सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सब अच्छा दिखाने की केजीएमयू प्रशासन की कोशिश पर शुक्रवार को पानी फिर गया। वहां भर्ती एक मरीज की बहन गुहार लगाते हुए वहां पहुंची। रोते-बिलखते वह कहने लगी कि ‘मुख्यमंत्रीजी मेरे भाई को इलाज नहीं मिल रहा, उसे बचा लीजिए...’। सीएम सुल्तानपुर अपहरणकांड में घायल बच्चे को देखने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। जब वे मरीज को देखकर लौट रहे थे, तभी युवती ने उनसे मदद की गुहार लगाई। 

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सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन सीएम ने उसे बुलाया और उसके भाई के इलाज का निर्देश दिया। 
अयोध्या निवासी सोनी तिवारी ने सीएम को बताया कि दो दिन से उसका भाई राजनारायण तिवारी यहां भर्ती है, लेकिन अभी तक उसका इलाज शुरू नहीं किया गया। उसकी अंगुलियां काली पड़ती जा रही हैं। स्टाफ पर्ची पकड़ाकर बाहर से दवा लेकर आने को कह रहा है, जबकि उसके पास पैसे नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट की ओर इशारा किया और कहा मरीज के इलाज की पुख्ता व्यवस्था की जाए।

पुलिस-प्रशासन ने उसे सामने से हटाने की कोशिश की

आईसीयू वार्ड से निकलने के बाद सीएम मुख्य गेट के सामने मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे। इसी बीच सोनी उनसे मिलने की गुहार लगाने लगी, लेकिन पुलिस-प्रशासन के लोग उसे दूर ले जाने को घसीटने लगे। इससे वह चिल्लाने लगी तो अन्य तीमारदार भी साथ आ गए। करीब पांच मिनट तक सीएम हंगामे को नजरअंदाज करते रहे। फिर भी स्थिति सामान्य न हुई तो निजी स्टाफ से महिला को बुलाने का इशारा किया। सीएम के पास पहुंचकर सोनी ने उनके पैर छुए और कहा, आप मुख्यमंत्री हैं, मेरे भाई को बचा लीजिए। डॉक्टर उसके पैर काट देंगे। दो दिन बीत गए, इलाज शुरू नहीं किया गया है। इस पर सीएम ने कुलपति की ओर इशारा किया और आगे बढ़ गए।

सीएम के जाते ही युवती को धमकाने का आरोप

सीएम के जाते ही ट्रॉमा सेंटर के सुरक्षाकर्मियों ने सोनी को धमकाना शुरू कर दिया। कहा, मुख्यमंत्री तो जा चुके हैं और इलाज को यहीं के चिकित्सकों को करना है। इस पर मीडियाकर्मियों ने विरोध किया तो कुछ डॉक्टर गुस्सा गए। काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। 
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मरीज के अंग बचाने के प्रयास 

राजनारायण के तीमारदार ने सीएम से मुलाकात कर इलाज में सहयोग का अनुरोध किया, जबकि उसका उपचार चल रहा है। मरीज बर्जर नाम की बीमारी से ग्रस्त है। इसमें शरीर के अंग काले पड़कर सड़ने लग जाते हैं। कई बार प्रभावित अंग की सर्जरी करनी पड़ती है। यह बात तीमारदार को बताई तो वह घबरा गई। उसे लगा पैर काट दिया जाएगा। चिकित्सक मरीज के पैर व अंगुलियां बचाने के प्रयास में लगे हैं। बहुत आवश्यक हुआ तो अंगुलियां काटनी पड़ेंगी। 
- प्रो. संतोष कुमार, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू
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