संजीव सरन ने कहा कि सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में निवेश पर बड़ी रियायत व सुविधाएं देकर प्रदेश के साथ राजधानी लखनऊ को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रयास शुरु किया है। प्रदेश में दो हजार स्टार्ट अप्स शुरु हुए हैं।
राजधानी में एचसीएल ने आईटी सिटी की स्थापित किया है, 100 एकड़ में बन रहे आईटी सिटी में अभी 2500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। पूरी तरह स्थापित होने पर इसमें 75000 कर्मचारी काम करेंगे। उन्होंने बताया कि राजधानी में सबसे बड़ा इंक्यूवेटर हब बनाया जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट के पास 40 एकड़ जमीन आवंटित की जा रही है। सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए एक हजार करोड़ का फंड देने की घोषणा की भी है।
संजीव सरन ने बताया कि मेरठ, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और बरेली में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) स्थापित करने की शुरुआत की गई है। मेरठ, आगरा और गोरखपुर में काम शुरु हो गया है जबकि लखनऊ, कानपुर और बरेली में जमीन मिल गई है। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई के जरिए प्रदेश के 614 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रति वर्ष इंजीनियिरंग की डिग्री प्राप्त कर निकलने वाले युवाओं को रोजगार मिलेगा।
संजीव सरन ने बताया कि प्रदेश में सैमसंग, एलजी, पेनासोनिक, लावा, ओपो, विवो, कार्बन, जीओनी और इनफोकस कंपनियों के मोबाइल ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र में बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्र्षों में देश में 107 नई इलेक्ट्रोनिक्स और मोबाइल कंपनियां आई हैं इनमें से 47 कंपनियां यूपी में आई हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से प्रतिवर्ष 36,000 करोड़ रुपये के मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण और सॉफ्टवेयर निर्यात किए जाते हैं।
संजीव सरन ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे को इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफेक्चरिंग जोन घोषित करने से प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा। डिक्सन कंपनी की ओर से पांच सौ करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है।