भूमि पूजन समारोह (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। विभागों से कहा गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बिना किसी भी एमओयू को न हटाया जाए। ये भी कहा गया है कि जो निवेशक लंबे समय से जवाब नहीं दे रहे हैं, उनके एमओयू भी बाहर न करें, बल्कि उनके साथ लगातार संवाद कायम रखें। भूमि पूजन समारोह में सिर्फ उन्हीं निवेशकों को शामिल किया जाएगा जो जमीन का ब्योरा दाखिल करेंगे।
समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए एक तरफ 34 विभागों का निवेश लक्ष्य बढ़ाया गया है तो दूसरी तरफ किन्हीं कारणों से फंसे समझौतों को निम्न प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। पहले भूमि पूजन के लिए दस लाख करोड़ का लक्ष्य था, जिसे बढ़ाकर 13 लाख करोड़ किया गया है। सभी विभागों का लक्ष्य 30 फीसदी बढ़ाया गया है। दो लाख करोड़ के एमओयू को समारोह में शामिल कराने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यूपीसीडा को दी गई है।
ये भी पढ़ें - राममंदिर के लिए विदेशी भक्त भी कर सकेंगे दान, अभी दान पात्र से ही हर महीने मिल रहे 60-70 लाख रुपये
ये भी पढ़ें - दिन और रात के लिए अलग-अलग बिजली दर: उपभोक्ता परिषद बोली- ये तुगलकी फैसला, देशव्यापी संघर्ष की तैयारी
आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत और नगर विकास विभागों का लक्ष्य भी बढ़ाकर सवा-सवा लाख करोड़ रुपये किया गया है। एमएसएमई विभाग को 75 हजार करोड़ के एमओयू शामिल कराने का लक्ष्य है तो नोएडा को 90 हजार करोड़ और ग्रेटर नोएडा को 60 हजार करोड़ के एमओयू समारोह में शामिल कराने होंगे। आवास एवं शहरी नियोजन को एक लाख करोड़ के एमओयू जुटाने होंगे। सबसे कम लक्ष्य (125 करोड़) खनिकर्म को दिया गया है।