अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को तोहफा दिया। उन्होंने परिवहन निगम की बसों में सुरक्षित यात्रा के लिए ‘पिंक बस सेवा’ की शुरूआत की। सुरक्षा के आधुनिक इंतजाम से सुसज्जित इन बसों में कंडक्टर भी महिलाएं ही होंगी। फिलहाल पिंक बसों का संचालन 8 रूटों पर किया जाएगा। बाद में इसका विस्तार भी किया जाएगा।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लखनऊ से जयपुर व गोरखपुर से आनंद बिहार के बीच स्लीपर बस सेवा और 40 इंटरसेप्टर का भी शुभांरभ किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जनरथ वातानुकुलित सेवा के तहत 100 बसों को निगम केबेडे में शामिल करने के साथ प्रदेश के सभी संभागीय परिवहन कार्यालयों में ऑनलाइन वीआईपी नंबरों की ‘ई-ऑक्सन’ व वाहनों की फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की भी शुरूआत की। सीएम ने 37 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया।
परिहवन निगम द्वारा बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निर्भया फंड से संचालित होने वाली पिंक बसों व स्लीपर बसों को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा पिंक बसों में महिलाओं की सुरक्षा का खास ख्याल रखा गया है। सीसी कैमरे के साथ ही आपात स्थितियों में मदद के लिए ‘पैनिक बटन’ भी लगाए गए हैं। इसी तरह कई अन्य तरह की भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य रूटों पर भी पिंक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत ही सरकार ने पिंक बसों का संचालन शुरू किया है।
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सीएम ने की सुधार की तारीफ
मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की सेवाओं में सुधार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछली सरकार में जहां परिवहन निगम के निजीकरण की बात हो रही थी और यात्रियों से जुड़ी सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो चुकी थीं, लेकिन पौने दो साल में निगम के अधिकारियों की मेहनत अब दिखने लगी हैं। निगम के लाभांस में जहां लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं, यात्री सुविधाएं भी बेहतर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार एयरपोर्ट की तर्ज पर बस स्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा है। बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में बस स्टेशनों का विकास किया जा रहा है और वहां पर यात्रियों को पेयजल, शौचालय व ठहरने जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्रदेव सिंह और प्रमुख सचिव परिवहन अराधना शुक्ला और परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने परिवहन विभाग की योजनाओं और आगमी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर युवा एवं खेल मंत्री चेतन चौहान, सामाजिक न्याय राज्यमंत्री गुलाब देवी, वक्फ राज्य मंत्री मोहसिन रजा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पिंक बसों में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए महिला कंडक्टर ही तैनात होंगी। महिलाओं के साथ सहयात्री के तौर पर पुरूष भी पिंक बसों में यात्रा कर सकेंगे। इन बसों में आपात स्थिति जैसे छेड़छाड़, लूटपाट, हाइजैकिंग, रोडहोल्डप, दुर्व्यवहार, मानव तस्करी, आग लगने या अचानक बीमार होने की स्थिति में मदद के लिए ‘पैनिक बटन’ लगाया गया है, जो इंटरसेप्टर सेवा और 100-डॉयल सेवा से जुड़ा रहेगा। किसी अपात स्थिति में महिला यात्री द्वारा इस बटन को दबाते ही पुलिस को इसकी सूचना मिल जाएगी और पुलिस और इंटरसेप्टर वाहन तत्काल मौके पर पहुंच जाएंगे।
इन 8 रूटों पर चलेंगी पिंक बसें
लखनऊ-झांसी, लखनऊ-आगरा, लखनऊ-दिल्ली, लखनऊ-हरिद्वार, लखनऊ-हल्द्वानी, लखनऊ-प्रयागराज, लखनऊ-वाराणसी, कानपुर-गाजीपुर