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इतना सुंदर सीएम कार्यालय बनवाया है, उसे कैसे छोड़ दें : सीएम अखिलेश

Thu, 01 Sep 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को विधानसभा में हल्के-फुल्के मूड में दिखे। उन्होंने कहा, हमने विधानभवन के सामने इतना सुंदर मुख्यमंत्री कार्यालय बनवाया है, उसे कैसे छोड़ दें।
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हमने सपनों को जमीन पर उतारा है, लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर हमें वोट देंगे, फिर बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि छठा बजट मैं ही पेश करूंगा।

मानसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की हमेशा कोशिश रही है कि सदन लंबा चले, ज्यादा से ज्यादा बैठकें हों। महत्वपूर्ण घटनाओं पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों को बोलने का मौका मिला। कहा, अभी हम जाने वाले नहीं हैं। चाहते हैं कि जिस रूप में यहां बैठे हैं, उसी रूप में लौट आएं।
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उन्होंने बसपा का नाम लिए बिना स्वामी प्रसाद मौर्य के दलबदल का जिक्र किया। कहा, उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया। कुछ विधायक इसलिए निष्ठा बदलते हैं कि उनका मकसद फिर से सदन में आना है। हमारा मकसद जीतने के साथ ही यह भी देखना है कि सरकार में कैसे लौटें।

भाजपा ने सपने दिखाए, पूरे नहीं किए

- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने जेपी ग्रुप की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जब हम सीएम नहीं थे तब एक उद्योगपति आए थे। हमने कहा था, आप जो सड़क बना रहे हैं वह आगरा तक नहीं रहेगी, लखनऊ तक जाएगी।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बन गया तो हमने इसे गाजीपुर, बलिया तक ले जाने का सपना देखा और इसे पूरा कर रहे हैं। मेट्रो हमारे घोषणापत्र में नहीं थी। लखनऊ ही नहीं, आने वाले समय में कानपुर और वाराणसी में भी इसकी शुरुआत होगी।

उन्होंने भाजपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा, हम सपनों पर खरे उतरे हैं लेकिन इन्होंने जो सपने दिखाए थे वे पूरे नहीं हुए। अच्छे दिन नहीं आए, काला धन खातों में नहीं आया। इन्होंने जितना दिया, उससे ज्यादा छीन लिया।
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लैपटॉप वितरण में आजम, नेताजी नहीं आए, डिम्पल को बुलाया

- फोटो : amar ujala
अखिलेश ने कहा, हम चाहते थे कि नौजवान टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ें। इसलिए उन्हें लैपटॉप बांटना चाहता था। बहुत सारे समाजवादी भी इसके पक्ष में नहीं थे।

पहले कार्यक्रम में संसदीय कार्यमंत्री (आजम खां) जाम में फंसने के कारण नहीं पहुंच पाए, नेताजी (मुलायम सिंह) भी नहीं आए। हमने सांसद डिम्पल को बुला लिया। पहली बार लैपटॉप बंटे तो इसकी तारीफ हुई। इसके बाद तो विरोधी दलों के लोग भी लैपटॉप बांटने लगे। दुनिया में इतने लैपटॉप कहीं नहीं बंटे।

टेक्नोलॉजी से भ्रष्टाचार पर अंकुश संभव
मुख्यमंत्री ने कहा, तकनीक का अधिकतम उपयोग करके भ्रष्टाचार पर नियंत्रण किया जा सकता है। अब 4 जी का जमाना है। चलते-चलते भी लाइव पिक्चर बन सकती है।

बसपा पर निशाना, कहां गईं भाईचारा कमेटियां
अखिलेश ने बसपा पर भी निशाना साधा। कहा, भाईचारा कमेटियां छोड़कर चली गईं। कुछ इधर (सपा में) आ गईं और कुछ उधर (भाजपा में) चली गईं।
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