मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार डवलपमेंट के काम को आगे कर विधानसभा चुनाव में उतरना चाहते हैं। इसी मकसद से उनके रणनीतिकारों ने सपा सरकार में डिजिटल डिवाइस के जरिये आमजन को उपलब्ध कराई गई नवोन्मेषी सुविधाओं की ब्रांडिंग की तैयारी तेज कर दी है।
इसमें हेल्पलाइन, मोबाइल एप व इंटीग्रेटेड शिकायती पोर्टल जैसे कई नए काम शामिल हैं। रणनीतिकार अखिलेश की ‘डिजिटल सीएम’ की छवि पेश कर विकास कार्यों को और चमकाना चाहते हैं। केंद्र सरकार जिस तरह अपने कार्यक्रमों में ई-गवर्नेंस की ब्रांडिंग कर रही है, अखिलेश की ब्रांडिंग उसी का जवाब मानी जा रही है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि अखिलेश सरकार ने जिस तरह आगरा एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो, आईटी सिटी सहित डवलपमेंट के कई बड़े काम किए हैं, वैसे ही आमजन का जीवन सहज बनाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ई-गवर्नेंस व मोबाइल (एम) गवर्नेंस को लेकर कई बेहतरीन पहल की है।
लापता सामानों की रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में पुलिस की किस तरह मिन्नतें करनी पड़ती थी, लोग भूले नहीं हैं। अब यूपी पुलिस लॉस्ट रिपोर्ट एप्लीकेशन पर घर बैठे सूचना दर्ज कराके पावती पाई जा सकती है।
इसी तरह जन शिकायतों की सुनवाई के लिए हर महकमे के अलग-अलग पोर्टल थे और उस पर कार्रवाई का कोई निगरानी तंत्र नहीं था। मुख्यमंत्री ने इसे खत्म करवाके एक जन सुनवाई पोर्टल शुरू कराया।
इसमें की गई शिकायतों की मॉनिटरिंग उनका कार्यालय करता है। शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की स्थिति जानने का विकल्प भी है। अब तक 11.50 लाख से ज्यादा आई शिकायतों में से 8.50 लाख का निस्तारण हो चुका है।
महिलाओं की मदद के लिए 1090 हेल्पलाइन की काफी सराहना हुई है। मुख्यमंत्री विधानसभा में चार लाख से अधिक महिलाओं को अब तक मदद पहुंचाने का दावा कर चुके हैं।