मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में कोई भी सरकार समाजवादी पेंशन योजना को बंद नहीं कर पाएगी। मामला 45 लाख लोगों का है। उन्होंने कहा, गांव वालों को अब भी पूरा सम्मान नहीं मिल पाया है। सरकार गांवों और किसानों को सम्मानित करने की राह पर चल रही है। उन्होंने बुजुर्ग समाजवादियों को आश्वस्त किया कि नौजवान समाजवादी भी उनके दिखाए रास्ते पर ही चलेंगे। उससे इधर-उधर होने का सवाल ही नहीं है। वहीं, उन्होंने किसानों की सहमति से जमीन लेने के कारण अपनी सरकार की प्रशंसा भी की।
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मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाजवादी प्रबुद्ध सभा के समाजवादी सम्मान समारोह में पुराने समाजवादियों का सम्मान कर रहे थे। समारोह में दूसरे राज्यों से भी कई पुराने व खांटी समाजवादी आए थे।
मुख्यमंत्री ने सपा सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों के लिए शुरू किए गए कामों को गिनाया। कहा कि उनकी सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखने और उनके लिए योजनाएं शुरू करने के साथ भारतीय भाषाओं का सम्मान बढ़ाने का भी काम किया है।
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जो अंग्रेजी दां लोग लैपटॉप के बहाने खुद को बहुत आगे मानते थे, सपा सरकार ने उसे गांव-गांव व गरीबों के घर तक पहुंचा दिया। साथ ही इनमें हिंदी व उर्दू पढ़ने व लिखने की भी इंतजाम कर दिया। रिक्शा चालकों के लिए बैटरी वाले रिक्शा का इंतजाम किया गया है। जल्द ही प्रदेश में एक भी रिक्शावाला पैरों से रिक्शा खींचते नहीं मिलेगा।
दसियों साल की बदहाली सुधारने में वक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समस्याओं का समाधान करने में जुटी है। लोगों की सुविधाओं के लिहाज से फैसले किए जा रहे हैं। पर, दसियों साल की बदहाली सुधारने में कुछ वक्त लगेगा।
समाजवादियों को इस बात का प्रचार करना चाहिए कि देश में यूपी की ही पहली सरकार है जिसने किसानों की सहमति से जमीन ली। किसी से जमीन छीनी नहीं गई। बिल्डर को नहीं दी गई। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था ठीक करने की कोशिश की जा रही है। बुंदेलखंड में बिजली के प्लांट लग रहे हैं।
आलोचना से न हों विचलित : मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने अस्पतालों की स्थिति सुधार दी। लोगों को आसानी से दवाइयां मिलने लगीं। एंबुलेंस सुविधा मुहैया कराकर दूरदराज के लोगों के सरकारी अस्पताल पहुंचने की व्यवस्था कर दी गई तो लोग कहते हैं कि सपा सरकार में बीमार बढ़ गए।
कहने का मतलब यह है कि आलोचना करने वाले तो कोई न कोई रास्ता तलाश ही लेते हैं। पर, समाजवादियों को इससे विचलित होने की जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार पूरी तरह लोहिया, जनेश्वर मिश्र के रास्ते पर और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के बताए मार्ग पर ही काम कर रही है।
दूसरे राज्यों में मजबूत करें
मुख्यमंत्री ने समाजवादियों से दूसरे राज्यों में भी पार्टी की मजबूती के लिए जुटने का आह्वान किया। कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की लड़ाई तो जीत ली है लेकिन अब उसे दूसरे राज्यों में लड़ाई जीतना है। इस लड़ाई में बुजुर्ग व नौजवान सभी समाजवादियों का सहयोग जरूरी है।
मुख्यमंत्री आवास पर जल्द ही जुटान : अखिलेश ने कहा कि वह सभी बुजुर्ग समाजवादियों को अपने हाथ से सम्मान देना चाहते थे। पर, एक-डेढ़ हजार लोगों को यहां मंच पर बुलाकर सम्मानित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए प्रतीक स्वरूप कुछ वरिष्ठ समाजवादियों को सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने आवास पर भी बुजुर्ग समाजवादियों का सम्मान करेंगे। उन्होंने सपा प्रबुद्ध सभा के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय से कहा कि वे कार्यक्रम तय करें, जिसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी रहेंगे। सभी से बातचीत की जाएगी। किसी की कोई समस्या होगी तो उसका निराकरण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सहित बुजुर्ग व खांटी समाजवादियों ने इस तरह के आयोजन के लिए मनोज पांडेय को बधाई दी। साथ ही पांडेय को सुझाव दिया कि वे दुनिया भर के समाजवादियों के लिए भी इसी तरह का एक कार्यक्रम करें।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, मनोज पांडेय, अहमद हसन, राजेंद्र चौधरी, रामगोविंद चौधरी, अवधेश प्रसाद, शाहिद मंजूर, विजय बहादुर पाल सहित अन्य कैबिनेट और राज्यमंत्रियों के साथ समाजवादियों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम् देकर सम्मानित किया।
इनका हुआ सम्मान : सम्मानित होने वालों में लखनऊ के पूर्व महापौर डॉ. दाऊ जी गुप्त, केरल के एंटनी, शंकर सुहैल, राजस्थान के रामकिशुन शर्मा, काशी विद्यापीठ के प्रो. जेपी पांडेय, पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस, पूर्व सांसद भगवती सिंह, जनेश्वर मिश्र के भाई तारकेश्वर मिश्र, सपा केवरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन, वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव, उत्तराखंड के विनोद बर्थवाल, गुजरात के नकुल भाई सहित कई शामिल थे।