यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल का कद बढ़ा दिया है। उन्होंने पुराने विभागों के साथ उन्हें चिकित्सा शिक्षा, आयुष और लघु सिंचाई विभाग भी दे दिया है। इस तरह अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होने साथ शिवपाल के पास 13 विभाग हो गए हैं। पीडब्ल्यूडी सीएम ने अपने पास रखा है।
सीएम ने राज्यपाल राम नाईक को पत्र लिखकर प्रस्ताव रखा कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग का कार्यप्रभार मंत्री अवधेश प्रसाद से हटाकर मंत्री शिवपाल यादव को अतिरिक्त कार्यप्रभार के रूप में आवंटित किया जाए।
सीएम ने ये भी प्रस्ताव रखा कि राजस्व, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास, लोक सेवा प्रबंधन तथा सहकारिता विभागों का कार्यप्रभार मंत्री बलराम यादव से हटाकर मंत्री शिवपाल यादव को अतिरिक्त कार्य प्रभार के रूप में दे दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पत्र में लिखा कि शिवपाल सिंह को चिकित्सा शिक्षा, आयुष एवं लघु सिंचाई का कार्य भी अतिरिक्त कार्यप्रभार के रूप में आवंटित कर दिया जाए।
सीएम ने दी चाचा को बधाई
शिवपाल यादव व अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
सुबह से बवाल कर रहे कार्यकर्ताओं को अखिलेश ने सीएम आवास बुलाकर समझाया। अखिलेश ने सीएम अावास पर कार्यकर्ताओं संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें नेताजी का फैसला स्वीराकर है।
उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी और कार्यकर्ताओं से आंदोलन न करने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि मैं युवा संगठनों का राष्ट्रीय प्रभारी होने के नाते ये अपील करता हूं कि किसी के खिलाफ नारेबाजी न करें।
बता दें कि सुबह से युवा कार्यकर्ता अखिलेश को अध्यक्ष पद वापस देने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान शिवपाल और अखिलेश के समर्थकों में मारपीट की नौबत आ गई तो प्रशासन को भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी।
अखिलेश के समर्थकों पर मुलायम को आया गुस्सा
फाइल फोटो
अखिलेश के समर्थक शिवपाल के नेतृत्व में काम करने से इंकार रहे थे वहीं अखिलेश को वापस अध्यक्ष पद देने की मांग कर रहे थे। इसी बीच समर्थकों ने शिवपाल यादव की गाड़ी का घेराव करने की कोशिश की और मुलायम के घर के बाहर जबरदस्त नारेबाजी की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।
समर्थकों की इस हरकत से गुस्साए मुलायम सिंह ने सीएम को फोन करके समर्थकों का बवाल रुकवाने की बात कही। जानकारी मिलते ही बवाल रोकने के लिए सीएम ने घोषणा कर दी कि शिवपाल यादव ही अध्यक्ष पद पर रहेंगे और कार्यकर्ताओं को अपने सरकारी आवास बुलाया और कहा कि नेताजी को परेशान न किया जाए। इसके बाद युवा समर्थकों ने सीएम आवास पर जाकर उनसे बातचीत की।