बड़े पद के उम्मीदवारों को प्रदेश नहीं बल्कि देश की बात करनी चाहिए। वैसे भी यूपी की तुलना किसी प्रदेश से नहीं की जा सकती है।
ये बातें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सचिवालय एनेक्सी में बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि गरीबी के लिए यूपी-बिहार के लोग जिम्मेदार नहीं है। उनके यहां खुशहाली व तरक्की में इन्हीं का योगदान है।
इन लोगों ने अपनी मेहनत के बल पर मुकाम हासिल किया है। अगर ये लोग मुंबई से चले जाएं तो वहां का सारा कामकाज ठप हो जाएगा।
हमारा संविधान किसी को कहीं भी रहने की आजादी देता है इसलिए अंगुली नहीं उठाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, नेताजी (मुुलायम सिंह यादव) ने पहले ही साफ कर दिया था कि यूपी का गुजरात से कोई मुकाबला नहीं है।
लिहाजा बड़े पद के उम्मीदवारों को यह बताना चाहिए कि देश में सबसे अधिक समय तक राज करने वाली पार्टी ने क्या किया।
हालांकि यह सही है कि कुछ क्षेत्रों में देश आगे बढ़ा है लेकिन उसकी नीतियों से गरीब जनता को कोई फायदा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि हमारे के यहां के डॉक्टर, इंजीनियर भी दूसरे प्रदेशों में काम कर रहे हैं। यूपी-बिहार के लोग उन राज्यों के कारखानों में काम करते हैं जो तरक्की का दावा करते हैं।
हमारे लोग जो पैसा जमा करते है उसी से जमा-पूंजी अनुपात बनता है और विकास पर खर्च होता है। दोनों बड़े दल कांग्रेस और भाजपा, जो गरीबी के आंकड़ें रख रहे हैं उन्हें गरीब जनता ही चुनाव में करार जवाब देगी।
एक दल (कांग्रेस) तो जा रहा है, दूसरे (भाजपा) को गरीब जनता आने नहीं देगी। तीसरे को समर्थन देकर सत्ता में लाएगी।
टेल्को पर फैसला जल्द
राजधानी से टेल्को के कामकाज समटने संबंधी एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार जल्द ही इस पर फैसला लेगी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
नेता जी ने अपने शासनकाल में टेल्को को सहूलियतें दी थीं। पिछली सरकार ने इसे बंद कर दिया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया था। सरकार इस मामले में बेहद गंभीर है और जल्द ही कोई न कोई फैसला किया जाएगा।