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दार्शनिक बने सीएम अखिलेश, समझाने लगे 'समय-चक्र'

Thu, 10 Mar 2016 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • जब मैं बार पहली सदन में आया था तो सामने वाली सीटें बसपा के सदस्यों से भरी हुई थीं।
  • समय चक्र ने आज हमारी तरफ की सीटों को भर दिया। बसपा सिमट गई।
  • मुख्यमंत्री ने १७ लाख लैपटॉप बांटने सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।
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नए सदस्यों को सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने से पहले यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सम्बोधित किया ...और दार्शनिक अंदाज में बोलने लगे।
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प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'नेता प्रतिपक्ष की आवाज काफी बुलंद है, पर इधर समय चक्र से कुछ कम हो गई है। 'कद' भी कम किया है।'

सीएम ने कहा, जब मैं बार पहली सदन में आया था तो सामने वाली सीटें बसपा के सदस्यों से भरी हुई थीं। समय चक्र ने आज हमारी तरफ की सीटों को भर दिया। बसपा सिमट गई। यही तो लोकतंत्र है और यही है समय चक्र , जो यूं घूमता रहता है। कभी हम भारी तादाद में होंगे कभी आप (बसपा) तो कभी कोई और।
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मुख्यमंत्री ने १७ लाख लैपटॉप बांटने सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया। नेता प्रतिपक्ष नसीमुददीन सिद्दीकी ने भी जवाबी चुटकी ली, 'चक्र तो चक्र है, बदलता रहता है। साइकिल भी चलती रहती है।

कांशीरामजी भी साइकिल ही चलाते थे और आप भी चलाते हैं। साइकिल चलती रहेगी। कभी हम आएंगे तो बीच-बीच में आप भी आते रहेंगे। सिद्दीकी ने नए सदस्यों को पूरा सहयोग का आश्वासन दिया।

सीएम से कहा, बार-बार आएं

इस दौरान सदन में ठहाके भी खूब लगे। - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने परिषद के सभी दलीय नेताओं से मिलकर उनका हालचाल पूछा। नेता प्रतिपक्ष के साथ नेता भाजपा और अन्य सभी दलीय नेताओं ने मुख्यमंत्री के विधान परिषद आने पर उन्हें बधाई दी। कहा कि  मुख्यमंत्री इसी सदन के सदस्य हैं। इसलिए यहां के सदस्यों को उनसे उम्मीदें भी ज्यादा हैं।

नेता भाजपा हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि उनसे एक मेधावी छात्र ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री विधानसभा में तो आते हैं, लेकिन विधान परिषद में क्यों नहीं आते? उसे क्या उत्तर देता। मुख्यमंत्रीजी! आज उत्तर कम हैं, प्रश्न ज्यादा हैं।

बजट भाषण में आपके 'पक्षी' प्रेम को पढ़ा। कुछ 'प्रतिपक्षी' प्रेम भी शुरू हो जाए। 'पक्षी' भी पालिए लेकिन 'प्रतिपक्षी' भी।' दीक्षित ने भी नए सदस्यों को पूरा सहयोग का आश्वासन दिया। कांग्रेस के नसीब पठान ने 'कुछ ऐसी नहीं है बात कि कद अपने घट गए, चादर को अपनी देखकर हम खुद ही सिमट गए' को उद्धृत करते हुए कहा कि एक समय था कि कांग्रेस ही कांग्रेस थी। फिर वह वक्त आएगा।

शिक्षक दल के जगवीर किशोर जैन, निर्दल समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल ने भी नए सदस्यों को बधाई के साथ सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही सभी ने मुख्यमंत्री से बार-बार उच्च सदन में भी आने का आग्रह किया।
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मुख्यमंत्री बोले, 'नहीं हटेंगे कुछ लोग'

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि इस सदन में कुछ ऐसे सदस्य हैं जो लंबे समय से यहां हैं। दूसरे लोग आते-जाते रहेंगे।

मैं भी अभी इस सदन में आया। आगे पता नहीं, पर ये हटने वाले नहीं हैं। यहीं रहेंगे। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य मुस्कुरा दिए। नेता सदन अहमद हसन भी मुस्कुरा पड़े।

सभापति ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि वह आठवीं बार निर्वाचित होकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने बाद में जोड़ा कि ये इतने लोकप्रिय हैं कि आते रहेंगे। नए सदस्यों को इनसे सीखना चाहिए।
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