विधानसभा चुनाव से पहले जनता का ‘मूड’ भांपने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिलों के दौरे पर निकलेंगे। विकास योजनाओं व जन कल्याणकारी कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत परखने के साथ-साथ वे लोगों से सीधे संवाद करके ‘फीडबैक’ भी लेंगे।
चूंकि चुनाव में बहुत ज्यादा वक्त नहीं बचा है इसलिए अब सरकार का जोर पिछले चुनाव घोषणा पत्र में किए गए प्रमुख वादों को पूरा करने, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे व लखनऊ मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने पर है।
मुख्यमंत्री कार्यालय अखिलेश के दौरे का खाका तैयार करने में जुटा है। कुछ जिलों में उनकी सभाएं भी कराने की तैयारी है। वैसे तो बजट सत्र के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री के जिलों के दौरे का कार्यक्रम बनाया जा रहा था लेकिन माना जा रहा है कि वह होली के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह से दौरा शुरू करेंगे।
मकसद है चुनाव में विरोधियों को हमलावर होने का मौका न मिल सके। सरकार ताल ठोंककर कह सके, जो कहा था वह करके दिखाया। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सभी जिलों में पहुंचना चाहते हैं।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि इस बार वे विधानसभा चुनाव में मंडल स्तर पर ही रैलियां करेंगे, इसलिए जिलों से लेकर दूर-दराज के क्षेत्रों तक लोगों से संपर्क करने का दारोमदार अखिलेश पर ही है।