स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के बाद होने वाले समारोहों में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, जंग-ए-आजादी के शहीदों और क्रांतिकारियों के बारे में युवा पीढ़ी को बताया जाए।
साथ ही मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की भी जानकारी दी जाए। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस बाबत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में जारी शासनादेश में राज्य के समग्र विकास तथा जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए शासन द्वारा सभी वर्गों की उन्नति, कल्याण तथा सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों से जनमानस को अवगत कराने को कहा है।
150 कंपनियों ने भाग
मुख्य सचिव के अनुसार प्रदेश में पूंजी निवेश के लिए दिल्ली में निवेशक सम्मेलन हुआ जिसमें देश-विदेश की लगभग 150 कंपनियों ने भाग लिया।
यह सम्मेलन अत्यंत सफल रहा और 23 कंपनियों ने लगभग 54,606 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
उन्होंने कहा है कि सरकार ने जनसमस्या निवारण की प्रत्येक स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित की है। गुड गवर्नेंस तथा ई-गवर्नेंस से प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ की गई है।
इन योजनाओं का किया वर्णन
मुख्य सचिव ने बताया कि समाजवादी पेंशन योजना के लिए 2424 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। जनजातीय कल्याण, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस पहल हुई।
रोजगार कार्यक्रमों में मनरेगा के तहत 41 लाख परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। कौशल विकास प्रशिक्षण योजना, लैपटॉप वितरण, बेरोजगारी भत्ता, हमारी बेटी उसका कल, कन्या विद्याधन योजना से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है।
रंजन ने कहा, ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3300 रुपये किया गया। 12वीं योजना में 3,61,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया जा चुका है। एक करोड़ लोगों को इसके तहत रोजगार दिया जाएगा।