अफसरों के साथ बैठक में सीएम अखिलेश यादव
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सीएम अखिलेश यादव ने अफसरों को अपना व्यवहार सुधारने की नसीहत देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में अफसरों का व्यवहार भी बहुत मायने रखता है।
यदि प्रदेश का मुख्यमंत्री आम जनता से अच्छा व्यवहार कर सकता है तो अफसर क्यों नहीं? अफसरों को अपने मुख्यमंत्री की तर्ज पर ही आम लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का काम करना चाहिए। साथ ही सीएम ने कहा कि अफसरों के हर काम पर उनकी नजर रहती है।
विधानभवन के तिलक हॉल में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण पर बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल 100 योजना लागू होने से पुलिस के मौके पर पहुंचने, एफआईआर दर्ज करने तथा जनता से अच्छा व्यवहार न करने की शिकायतों के समाधान में मदद मिलेगी।
डायल 100 पर सूचना मिलने पर पुलिस को शहरी क्षेत्र में 15 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 20 मिनट में मौके पर पहुंचना होगा। इसके लिए प्रशिक्षण चल रहा है। पुलिस को पर्याप्त संख्या में वाहन भी दिए जा रहे हैं।
मदद करने के साथ संवेदनशील होने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर कार्रवाई के साथ संवेदनशील होने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर में हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप की घटना का संदर्भ देते हुए वहां के डीएम से कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद 50 हजार रुपये की सहायता देने से पहले कम से कम पूछ तो लेना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि कानून-व्यवस्था पर सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। बलिया व बुलंदशहर में अफसरों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। अब चुनाव आने वाले हैं, ऐसे में किसी भी तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए अफसरों को मौके पर पहुंचना होगा।
हर अधिकारी के काम पर रहती है नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का जमाना है। अधिकारियों की पल-पल की गतिविधियों पर हमारी नजर रहती है।
कानून-व्यवस्था की बैठक में पहली बार जेलर
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों के साथ मुख्यमंत्री की यह पहली बैठक थी। यह बैठक इस मायने में भी खास थी कि इसमें जेलर भी बुलाए गए थे।
जेलों में मारपीट व आपत्तिजनक सामानों की बरामदगी पर चिंता जताते हुए बैठक के दौरान जेलों की व्यवस्था में सुधार के खास निर्देश दिए गए।
डीएम-एसपी साथ-साथ चलें : सिंघल
मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिहाज से डीएम व कप्तान को जिलों में साथ-साथ चलने, गांवों में पंचायत लगाकर लोगों की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने सभी पोलिंग सेंटर को सड़क व बिजली की सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने दशहरा व बकरीद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और गुंडों व माफिया पर गैंगस्टर के साथ ही उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई का निर्देश भी दिया। उन्होंने जिलों के अफसरों को तालमेल बनाकर काम करने का निर्देश दिया जिससे जनता का भरोसा बढ़े।
अपराधियों के खिलाफ हो जीरो टॉलरेंस : रंजन
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम होना चाहिए। योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने कहा कि 10 वर्षों में पहली बार राज्य की विकास दर सात फीसदी से अधिक हुई है। ऐसे में विकास कार्यों की गति बनाए रखें। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद भी उपस्थित थे।
एसडीएम, बीडीओ और थानेदार तक सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी बात
लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय से किसी भी जिले के उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और थाने के थानाध्यक्ष से अब सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की जा सकेगी।
बैठक में प्रयोग के तौर पर देवरिया व बिजनौर के अफसरों से बात कर इसका प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने बताया कि यह सुविधा सभी थानों, ब्लॉकों व तहसीलों तक उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में कानून-व्यवस्था में सुधार के मद्देनजर जिलों के कई अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दिए।