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लटका सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट तो हुई पूछताछ

Tue, 14 Oct 2014 01:35 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का काम शुरू होने में देरी पर पंचम तल की सक्रियता बढ़ गई है। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश बहादुर के निर्देश पर प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजीव सरन ने सोमवार को एक्सप्रेस-वे से जुड़े 10 जिलों के डीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।
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उन्होंने अधिकारियों को इस महीने के अंत तक हर हाल में जमीन खरीदने की कार्यवाही पूरा करने का निर्देश दिया। सरकार एक्सप्रेस-वे को हर हाल में 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले पूरा करना चाहती है। एक्सप्रेस-वे का काम इस महीने के अंत तक शुरू करने की योजना थी। मगर कई स्थानों पर जमीन की खरीद अभी तक उलझी हुई है।

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश बहादुर ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की तो पता चला कि जमीन खरीद की यही रफ्तार रही तो साल के अंत तक काम शुरू कराना मुश्किल हो जाएगा।
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इसके बाद उन्होंने प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजीव सरन को एक्सप्रेस-वे से जुड़े जिलों के डीएम से बात कर यह काम सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कराने का निर्देश दिया।
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महीने के अंत तक काम पूरा करने का निर्देश

सोमवार को सरन ने आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई तथा लखनऊ के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की और जमीन खरीद का काम हर हाल में इस महीने के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए।

डीएम को निर्देश
- जिलों के जिस गांव के धारा-6 के प्रस्ताव अभी तक शासन को नहीं भेजे गए हैं तत्काल भेजे जाएं।
- जमीन खरीदने के लिए जिलों को दी गई रकम कितनी खर्च हुई, इसका ब्यौरा दिया जाए।

- जमीन के लिए अतिरिक्त रकम की जरूरत हो तो तत्काल मांग की जाए।
- एक्सप्रेस-वे के बाउंड्री पिलर्स की स्थापना कर रही एजेंसी को पूरा सहयोग दिया जाए।

- पिलर्स की स्थापना के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट यूपीडा को तेजी से उपलब्ध कराएं।
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