यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में मेगा कॉल सेंटर का उद्घाटन किया। इस कॉल सेंटर के जरिए जनता को सपा सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने उरी आतंकी हमले पर बात की और कहा कि पाकिस्तान से युद्ध नहीं बातचीत करके हल निकालना चाहिए। सीएम सिंधु का पानी रोकने के समर्थन में भी नहीं दिखे और कहा, सिंधु का पानी रोकना भी हल नहीं है।
कॉल सेंटर के उद्घाटन के दौरान सीएम ने कहा, जनता को पता ही नहीं है कि उन्हें मदद कहां से मिल रही है। इस कॉल सेंटर के जरिए सीधे जनता से जुड़ा जा सकेगा और फीडबैक मिल सकेगी।
सीएम अखिलेश ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बीते दिनों एक पीड़ित परिवार को मदद के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया था। अखिलेश ने कहा, जब मैंने उनसे पूछा कि बताओ आपकी मदद कौन कर रहा है तो उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता था।
उनसे पूछा गया कि आप कहां बैठे हैं, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी जब उनसे पूछा कि मैं कौन हूं तो वह इतना गरीब परिवार था कि वे मुख्यमंत्री को भी नहीं पहचानते थे। इस पर मैंने अधिकारियों से कहा कि हम और बहुत गलतफहमी में रहते हैं कि हमें सब पहचानते हैं, हमें कोई नहीं पहचानता
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कम किया भ्रष्टाचार
Rahul is good human being, says Akhilesh Yadav, Congress denied for alliance
सीएम ने कहा कि ये अलग बात है कि नई पीढ़ी में ऐसा कोई नहीं है जो हमें न जानता हो लेकिन हो सकता है कि समाजवादी पेंशन वाली महिलाएं हमें न जानती हों।
सीएम ने कहा कि जितना टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा उतना जनता को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का काम किया।
सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जब हम स्मार्ट फोन बांट देंगे तो कॉल सेंटर की भी जरूरत नहीं पड़ेंगी। सीएम ने बताया, जब वह गाजीपुर गए और लैपटॉप वितरण के दौरान स्टूडेंट्स से पूछा कि अच्छे दिन वाले कहते हैं कि लैपटॉप तो बेकार चीज है इस पर एक स्टूडेंट ने जो जवाब दिया वो मैं माइक पर बोल भी नहीं सकता। उन्होंने मायावती पर भी निशाना साधा और कहा, हमने अखबारों में देखा कि हमारी सरकार के लिए उनके भी विचार आ रहे हैं, कहा कि उत्तर प्रदेश पत्थरवाली सरकार के कारनामे भूला नहीं है।