बेसिक शिक्षा पर बहुत पैसा खर्च किया जा रहा है फिर भी बच्चे हिंदी तक नहीं पढ़ पाते। दुख इस बात का है कि बच्चियों को पढ़ना तक नहीं आता है। इनको जो रटाया गया है मेरे सामने वही बोल रही हैं। मैंने इनसे कहा कि कुछ पढ़कर सुना दो तो 11 में से सिर्फ एक बच्ची हिंदी पढ़ पाई। हर साल बेसिक शिक्षा पर 20 हजार करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और बच्चो को पढ़ना तक नहीं आता।
ये बातें सीएम अखिलेश यादव ने श्रावास्ती में एक कार्यक्रम के दौरान कहीं। सीएम अखिलेश ने यूपी की बेसिक शिक्षा पर बेहद दुख जताया और कहा कि हालात सुधारने के लिए शिक्षा पर कितना भी पैसा खर्च करना पड़े करेंगे। सीएम शुक्रवार को श्रावस्ती के मोतीपुर कला गांव में हौसला योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 69 करोड़ 42 लाख की योजनाओं में कई का शिलान्यास और कुछ का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, मैं जिन बच्चों से मिला उनमें मुझे सबसे ज्यादा वो बच्चा अच्छा लगा जिसने सबसे ज्यादा काजल लगाया था। बच्चों की आंख में काजल अच्छा लगता है, किसी की आंख में काजल अच्छा लगता है लेकिन कोई काजल लगाकर निकल जाए तो वो अच्छी बात नहीं है। हमारे चीफ सेक्रेट्ररी साहब को एक इंजीनियर ने काजल लगाने की कोशिश की थी। हमने चीफ सेक्रेटरी साहब को पूरी आजादी दे दी है कि वो उस अधिकारी के खिलाफ जो चाहें कार्रवाई करें।
बता दें कि हौसला योजना से जिले की 28236 गर्भवती महिलाओं के साथ अति कुपोषित बच्चों को सीधा लाभ होगा। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को एमडीएम मेन्यू के तहत भोजन के साथ सप्ताह में दो दिन दही व अति कुपोषित बच्चों को एमडीएम भोजन के साथ माह में आधा किलो देशी घी भी दिया जाएगा।