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केजीएमयू में बोले योगी, यूपी में बनेंगे 25 मेडिकल कॉलेज और छह एम्स जैसे संस्थान

Wed, 05 Apr 2017 06:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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यूपी के सीएम आदित्यनाथ बुधवार को लखनऊ के केजीएमयू मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने 56 वेंटिलेटर्स का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, केजीएमयू की देश-दुनिया में केजीएमयू का नाम है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारा लक्ष्य है।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा, हर जगह मरीजों और डॉक्टरों के बीच मारपीट की खबरें आती रहती हैं ये च‌िंताजनक बात है, डॉक्टरों को मरीजों के प्रत‌ि अच्छा व्यवहार करना चाह‌िए, मरीज की आधी बीमारी इसी से दूर हो जाती है।

सीएम ने कहा, गरीब मरीज बेहद उम्मीद लेकर डॉक्टर के पास आता है, आप उसका अच्छा इलाज करें क्योंक‌ि गरीब की दुआ से बढ़कर कुछ नहीं। उन्होंने कहा, 31 तारीख को सचिवा‌लय में बैठा, वहां फाइलों का ढेर लगा था। जब पूछा क‌ि ये सब क्या है तो पता चला क‌ि बजट की फाइलें हैं। जनता के साथ धोखा हुआ है काम हुआ ही नहीं। 
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उन्होंने कहा, यूपी में आने वाले 5 साल के दौरान 25 नए मेडिकल कॉलेज बनाने हैं। फैकल्टी का चैलेंज फिर से आएगा क्योंकि अभी भी फैकल्टी की कमी है। अच्छे डॉक्टरों को सैफई शिफ्ट किया गया और कुछ को कन्नौज भेज दिया गया। 
योगी बोले, 31 तारीख को सचिवा‌लय में बैठा तो वहां फाइलों का ढेर लगा था। जब पूछा क‌ि ये सब क्या है तो पता चला क‌ि बजट की फाइलें हैं। जनता के साथ धोखा हुआ है काम हुआ ही नहीं। 31 मार्च तक बजट खत्म हो जाना चाह‌िए।
 
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पूरी की जाएगी डॉक्टरों की कमी

योगी आदित्यनाथ - फोटो : SELF
यूपी में आने वाले 5 साल के दौरान 25 नए मेडिकल कॉलेज बनाने हैं। फैकल्टी का चैलेंज फिर से आएगा क्योंकि अभी भी फैकल्टी की कमी है। अच्छे डॉक्टरों को सैफई शिफ्ट किया गया और कुछ को कन्नौज भेज दिया गया। अब फैकल्टी की कमी नहीं होगी इसके ल‌िए भले कुछ भी कोशिश करनी पड़ी।

योगी ने कहा, 6 एम्स जैसे संस्थान यूपी में बनेंगे। उन्होंने कहा, आजकल मरीजों की बात तक नहीं सुनते लेकिन डॉक्टरों को उनकी बात सुननी चाहिए। ये मरीजों और देश के साथ धोखा है। 

सीएम ने बताया, मैं गोमती रिवर फ्रंट घूमने गया तो सोचा, वहां का पानी भी बहुत अच्छा होगा, आचमन करूंगा। वहां फव्वारे चलाए गए थे लेकिन जैसे ही मैंने नीचे झांका तो नाले से भी बदतर पानी था। ये स्थ‌ित‌ि है। जल जगत का आधार है और यहां शु्द्ध जल ही नहीं तो हम स्वस्थ कैसे रह पाएंगे।

सीएम ने कहा, गोरखपुर में इंसेफेलाइट‌िस से मौतें हो रही हैं। इसका टीका तक विकसित नहीं है। हमने वहां के अस्पतालों में लड़-झगड़कर सुविधाएं दिलवाईं। हमें एक बार प्रयास की जरूरत है। एक डॉक्टर के लिए सरकार बहुत पैसा खर्च करती है उसके काम पर भी वैसे ही ध्यान दे तो हालात बदल जाएंगे।
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