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रिवरफ्रंट गया तो सोचा था आचमन करूंगा पर पानी तो नाले से बदतर निकला: योगी

Thu, 06 Apr 2017 01:58 PM IST
amarujala.com, written by काजल शर्मा
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डेमो प‌िक
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यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी बुधवार को लखनऊ के केजीएमयू पहुंचे यहां उन्होंने 56 वेंटिलेटर्स का लोकार्पण किया। इस दौरान योगी ने पिछली अखिलेश सरकार पर निशाना साधा। 
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उन्होंने कहा, मैं गोमती रिवर फ्रंट घूमने गया तो सोचा, वहां का पानी भी बहुत अच्छा होगा, आचमन करूंगा। वहां फव्वारे चलाए गए थे लेकिन जैसे ही मैंने नीचे झांका तो नाले से भी बदतर पानी था। ये स्थ‌ित‌ि है। जल जगत का आधार है और यहां शु्द्ध जल ही नहीं तो हम स्वस्थ कैसे रह पाएंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी का भी जिक्र किया साथ ही तंज कसा क‌ि सारे अच्छे डॉक्टर तो सैफई भेज दिए गए और बचे डॉक्टरों को कन्नौज भेजने की तैयारी थी।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बजट खर्च न करने को लेकर भी पुरानी सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 31 तारीख को सचिवा‌लय में बैठा, वहां फाइलों का ढेर लगा था। जब पूछा क‌ि ये सब क्या है तो पता चला क‌ि बजट की फाइलें हैं। जनता के साथ धोखा हुआ है काम हुआ ही नहीं।

31 मार्च तक बजट खत्म हो जाना चाह‌िए। इस मौके पर उन्होंने कहा, केजीएमयू की देश-दुनिया में केजीएमयू का नाम है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारा लक्ष्य है। सीएम ने कहा, हर जगह मरीजों और डॉक्टरों के बीच मारपीट की खबरें आती रहती हैं लेक‌िन ये च‌िंता का व‌िषय है डॉक्टरों को मरीजों के प्रत‌ि अच्छा व्यवहार करना चाह‌िए, मरीज की आधी बीमारी इसी से दूर हो जाती है।

सीएम ने कहा, गरीब मरीज बेहद उम्मीद लेकर डॉक्टर के पास आता है, आप उसका अच्छा इलाज करें क्योंक‌ि गरीब की दुआ से बढ़कर कुछ नहीं। उन्होंने कहा, हर अच्छे डॉक्टर को कुछ साल गांव में रहकर मरीजों की सेवा जरूर करनी चाह‌िए। एक डॉक्टर के लिए सरकार बहुत पैसा खर्च करती है उसके काम पर भी वैसे ही ध्यान दे तो हालात बदल जाएंगे।


 
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मरीजों से बातचीत भी करें डॉक्टर

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम आदित्यनाथ ने कहा, यूपी में आने वाले 5 साल के दौरान 25 नए मेडिकल कॉलेज बनाने हैं। फैकल्टी का चैलेंज फिर से आएगा क्योंकि अभी भी फैकल्टी की कमी है लेकिन कैसे भी करके इस कमी को पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने छह एम्स जैसे संस्थान बनाने का भी ऐलान किया।

उन्होंने कहा, आजकल डॉक्टर मरीजों का रिपोर्ट देखकर इलाज करते हैं, उनसे दो मिनट बात भी नहीं करते। मैं जब गोरखपुर में था तो एक डॉक्टर मरीजों का पूरा रिकॉर्ड रखते थे और मरीजों से कहते थे कि आप अपना रिकॉर्ड मुझे दे दें भले ही इसके पैसे ले लें। इससे मुझे शोध में मदद मिलेगी।

सीएम ने सवाल उठाया क‌ि सभी डॉक्टर ऐसा क्यों नहीं कर सकते? डॉक्टर को मरीज से बात करनी चाह‌िए और उसके बारे में सब कुछ जानना चाह‌िए इससे इलाज में काफी मदद मिलती है।
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