गैलेंट ग्रुप के संचालकों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से खालिद मसूद के साथ 20 करोड़ रुपये नगद लेन-देन होने का सुराग मिला था। इसकी गहनता से जांच के लिए 14 जुलाई को खालिद मसूद को पूछताछ करने और बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था।
आयकर विभाग की जांच के दायरे में आए शालीमार ग्रुप के पार्टनर खालिद मसूद की मुश्किलों में इजाफा होने वाला है। नोटिस देने के बाद भी जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं होने पर विभाग ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। उनको अगले हफ्ते पेश होने के लिए फिर से नोटिस देने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो खालिद मसूद और गैलेंट के संचालकों के बीच 20 करोड़ रुपये नगद लेन-देन की जांच के दायरे में राजधानी के महानगर स्थित शालीमार गैलेंट प्रोजेक्ट भी आ रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग के अधिकारी शालीमार गैलेंट प्रोजेक्ट में निवेश की गई रकम का स्रोत पता लगा रहे हैं। साथ ही, ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शालीमार ग्रुप और गैलेंट ग्रुप की योजना और किन प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की थी। दरअसल, बीते अप्रैल माह में गैलेंट ग्रुप के ठिकानों पर मारे गए छापों में बरामद दस्तावेजों से शालीमार ग्रुप के साथ साझीदारी और करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला था।
गैलेंट ग्रुप के संचालकों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से खालिद मसूद के साथ 20 करोड़ रुपये नगद लेन-देन होने का सुराग मिला था। इसकी गहनता से जांच के लिए 14 जुलाई को खालिद मसूद को पूछताछ करने और बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। उनके द्वारा पूछताछ में सहयोग नहीं करने पर 19 जुलाई को दोबारा तलब किया गया था।