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क्लोन चेक से राममंदिर ट्रस्ट के खाते से 6 लाख की जालसाजी, जांच के लिए अयोध्या से लखनऊ व महाराष्ट्र रवाना हुई पुलिस

Thu, 10 Sep 2020 10:38 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
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फर्जी चेक - फोटो : अमर उजाला
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राममंदिर निर्माण के लिए जहां देशभर के रामभक्तों द्वारा दिल खोलकर दान दिया जा रहा है, वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से जालसाजी कर धन निकालने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट से क्लोन चेक के जरिए दो बार में 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। 9 लाख 86 हजार का तीसरा चेक लगाने पर बैंक ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बात की तो, जालसाजी का खुलासा हुआ। चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक टीम लखनऊ रवाना कर दी है। जालसाजी के तार महाराष्ट्र से जुड़े हुए हैं।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का भारतीय स्टेट बैंक नया घाट अयोध्या में अकाउंट खुला हुआ है। जिसमें ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र सिग्नेचर अथॉरिटी हैं। भुगतान सिर्फ इन्हीं के दस्तखत से हो सकता है। जालसाजी का पता तब चला जब बुधवार दोपहर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, लखनऊ से महामंत्री चंपत राय के पास फोन आया कि चेक संख्या 740798 के माध्यम से 9 लाख 86 हजार का भुगतान का चेक बैंक में जमा किया गया है, क्या यह भुगतान किया जाना है? जब महामंत्री चंपत राय ने चेक बुक देखी तो पता चला कि इस नंबर का चेक काटा ही नहीं गया है। जब पहले ट्रांसफर हुए पैसों की चेक संख्या मिलाई गई तो वो भी चेकबुक में लगे मिले। फर्जीवाड़े का पता चलते ही हड़कंप मच गया। आननफानन में महामंत्री चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 658/20 धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बैंक द्वारा भी त्वरित कार्रवाई करते हुए जालसाज द्वारा लगाए गए 9 लाख 86 हजार के फर्जी चेक का भुगतान रोक दिया गया।

इस तरह निकाले गए पैसे
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि लखनऊ की ब्रांच से चेक संख्या 740799 के जरिये 1 सितंबर को 2 लाख 50 हजार पीएनबी बैंक में ट्रांसफर किए गए। जबकि चेक संख्या 740800 से 8 सितंबर को 3 लाख 50 हजार फिर पीएनबी को ट्रांसफर किए गए। कुल 6 लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में जालसाजी करके ट्रांसफर हुए। एक ही आदमी द्वारा तीन बार चेक लगाया गया तो यह बैंक को खटका। दो चेकों के माध्यम से 6 लाख रुपये का भुगतान हुआ लेकिन पीएनबी अकाउंट से 4 लाख रुपये अभी निकाले गए हैं, दो लाख रुपये अभी भी पीएनबी बैंक में बचा है, उसे फ्रीज करा दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशा है कि पैसे वापस मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है कि उसको हमारे बैंक का अकाउंट नंबर कैसे पता चला, उसे यह भी कैसे पता लगा कि इन नंबरों के चेक नहीं ईश्यू हुए हैं, यह जांच का विषय है। 
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ट्रस्ट ने जैसे ही मामले की जानकारी दी, तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आईटी सेल सहित दो टीमें बनाई गई हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेज दिया गया है। एक टीम भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। यहीं से फर्जीवाड़ा किया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश राय, सीओ, अयोध्या 

राममंदिर के नाम पर पहले भी हो चुकी है धोखाधड़ी
राममंदिर के नाम पर इससे पहले भी धोखाधड़ी का मामला सामने आ चुका है। ट्रस्ट ने इस मामले में भी 12 अप्रैल को अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। राममंदिर के नाम पर दिल्ली निवासी एक युवक ट्रस्ट का लोगो लगाकर मंदिर निर्माण करने के लिए रामलला के नाम से ट्विटर अकाउंट व राममंदिर के नाम से वेबसाइट बनाकर दान एकत्र कर रहा था। ट्रस्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राममंदिर के नाम पर बनाए गए फर्जी वेबसाइट व अकाउंट को तुरंत बंद कराते हुए अयोध्या कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था।

राममंदिर निर्माण के लिए अब तक मिल चुका है 70 करोड़ का दान 
भूमि पूजन के बाद राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही दान देने का भी सिलसिला तेज हो गया है। बड़ी संख्या में भक्त राममंदिर के लिए दान दे रहे हैं। राममंदिर के खाते में अब तक करीब 70 करोड़ का दान मिल चुका है। रामलला के नाम पहले ही करीब 11 करोड़ की धनराशि जमा थी, अब श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित होने के बाद भारी धनराशि दान में आ रही है। रामकचहरी मंदिर में स्थित रामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय में प्रतिदिन दान के रूप में करीब पचास हजार रुपये आ रहे हैं। जबकि हर सप्ताह करीब दो से ढाई लाख रुपये का दान ट्रस्ट कार्यालय में आ रहा है। बड़ी संख्या में चेक भी कार्यालय पहुंच रहे हैं, जिसे बैंक में जमा कराया जा रहा है। वहीं ऑनलाइन दान सहित डाकखाने में मनीआर्डर भी आ रहे हैं।

महाराष्ट्र से जुड़े हैं राममंदिर ट्रस्ट खाते से जालसाजी के तार 
राममंदिर ट्रस्ट से जालसाजी के तार महाराष्ट्र से जुड़े हैं, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खाते से जालसाजी के मामले में डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि ट्रस्ट के खाते से छह लाख रुपये क्लोनिंग चेक के जरिए निकाले गए हैं। आरोपी ने खाते से चार लाख रुपये निकाल लिए। दो लाख अभी भी आरोपी के खाते में मौजूद हैं, आरोपी के खाते को सीज किया जा चुका है। जालसाजी करने वाले युवक की पहचान कर ली गई है। युवक महाराष्ट्र का रहने वाला है। जांच के लिए दो टीमें अयोध्या से भेजी गई हैं, एक टीम लखनऊ व दूसरी टीम महाराष्ट्र भेजी जा रही है।

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