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आईसीडीएस निदेशालय में वर्षों से जमे बाबू व अधिकारी हटाए जाएंगे, तैयार हो रही सूची

Fri, 26 Jun 2020 11:53 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : ani
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) निदेशालय में संबद्ध कर्मियों को हटाने के बाद अब वर्षों से जमे बाबुओं और अधिकारियों को भी हटाने की तैयारी है। दस साल से ज्यादा समय से निदेशालय में तैनात ऐसे बाबुओं और अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है।

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सूची जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। इसकी जद में करीब दो दर्जन प्रधान व कनिष्ठ सहायकों समेत कई डीपीओ व सीडीपीओ आएंगे। निदेशालय में तमाम प्रधान व कनिष्ठ सहायकों के अलावा करीब आधा दर्जन जिला कार्यक्रम अधिकारी ( डीपीओ ) और एक दर्जन से अधिक सीडीपीओ ऐसे हैं जो 1995 से तैनात हैं।

कई लिपिक तो 15 से 20 सालों से निदेशालय में ही तैनात हैं। कई निदेशकों ने इन्हें हटाने का प्रयास भी किया, लेकिन बाबुओं के कॉकस के आगे उनकी एक न चली। निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने शासन के निर्देश पर कई कर्मचारियों का संबद्धीकरण खत्म कर जिलों में भेजा है। अब बाबुओं व अधिकारियों की बारी है। सूत्रों के मुताबिक कोरोना महामारी के मद्देनजर तबादलों पर रोक है इसलिए इन कर्मचारियों को फिलहाल तो नहीं हटाया जाएगा। लेकिन रोक हटते ही इन्हें भी जिलों में भेजा जाएगा।

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30 जून तक सभी लाभार्थियों का डाटा अपडेट करें: डॉ सारिका

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) निदेशालय की कमान संभालने के बाद व्यवस्था सुधारने में जुटी निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ ) को 30 जून तक विभाग के सभी लाभार्थियों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने विशेष अभियान चलाने को कहा है।

डाटा में उन्होंने लाभार्थियों के मोबाइल नंबर भी दर्ज करने को कहा है। वे गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी डीपीओ के साथ विभागीय कामकाज की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की मदद से लाभार्थियों से संबंधित जानकारियों को डिजिटल प्रारूप में संग्रहीत करने के निर्देश दिए।
 
कहा, लाभार्थी का मोबाइल नंबर न होने की दशा में परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर डाटा में दर्ज करें। डाटा अपडेशन की निगरानी का दायित्व सीडीपीओ को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि सीएससी से दर्ज विवरण सीडीपीओ सत्यापित करेंगे और जरूरत के मुताबिक 7 जुलाई तक विवरण में संशोधन किया जा सकेगा। उन्होंने सभी डीपीओ को निर्देश दिए कि सीएससी के जिला प्रबंधक की मदद से सभी सीडीपीओ डाटा को एकत्रित कर 10 जुलाई तक निदेशालय भेजें। 
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