कैसरबाग बस अड्डे पर गंदगी। -संवाद
लखनऊ। कैसरबाग बस अड्डे पर कूड़े की सफाई को लेकर अफसर संजीदगी नहीं दिखा रहे हैं। इससे सफाई का काम फंस रहा है। तीन एजेंसियों का ट्रायल हुआ, जिसमें दो की रेटिंग में गड़बड़ी की बात सामने आ रही है। मामले को लेकर एमडी मासूम अली सरवर से शिकायत की गई है, जिसके बाद मामले की जांच होगी।
परिवहन निगम के कैसरबाग बस अड्डे पर बसों की सफाई के अतिरिक्त परिसर की साफ-सफाई के ठेके होते हैं। इसके तहत निगम प्रशासन की ओर से जो टेंडर हुआ, उसमें तीन एजेंसियों सिविक सर्विसेज, सोहम इंटरप्राइजेज व मैसूर प्रोजेक्ट्स का चयन हुआ।
तीनों एजेंसियों का एक-एक हफ्ते तक सफाई का ट्रायल लिया गया। इस दौरान एजेंसियों ने बस अड्डों की सफाई की, जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जा रही है। सोहम व सिविक सर्विसेज के कामकाज को एक ही पायदान पर रख दिया गया, जबकि फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड पोजिशन दी जानी चाहिए थी।
सूत्र बताते हैं कि दो एजेंसियों को एक ही पोजिशन देने से काम फंस गया है। इससे सफाई के काम को शुरू होने में और समय लग सकता है। इतना ही नहीं मामले को लेकर संदीप सिंह की ओर से एमडी मासूम अली सरवर से शिकायत की गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रेटिंग में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है।
हालांकि, रेटिंग एक होने के बाद फाइनेंशियर किया जाएगा। इसके तहत जिस एजेंसी ने ठेके के लिए कम रकम कोट की होगी, उसे नियमानुसार ठेका मिलेगा। लेकिन इस पशोपेश के चलते कैसरबाग बस अड्डे पर गंदगी का अंबार लग रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़
रहा है।