लखनऊ। निशातगंज की पेपर मिल कॉलोनी स्थित लखनऊ स्वच्छता अभियान के कूड़ा घर में संदिग्ध हालात में सफाई सुपरवाइजर राजू (45) की मौत हो गई। उनका लहूलुहान शव पोर्टेबल कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन के भीतर कूड़ा उठाने वाली मशीन के पास मिला। आरोप है कि दो दिन पहले राजू का वहीं के कर्मचारी अमित से विवाद हुआ था। परिजनों ने आरोपी पर कार्रवाई की मांग करते हुए मौके पर हंगामा किया।
इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक, परिजनों का कहना है कि अमित नाम के एक कर्मचारी की लापरवाही से राजू की जान गई है। राजू को वहां लखनऊ स्वच्छता अभियान के अधिकारियों ने सुपरवाइजर के तौर पर तैनात किया था। आरोप है कि लापरवाही से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी चलाने से राजू उसकी चपेट में आ गए। अमित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, एलएसए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभय रंजन का कहना है कि राजू उनका कर्मचारी नहीं है। उन्हें किसी ने घटना की जानकारी भी नहीं दी है। राजू चक्का पुरवा, निशातगंज के रहने वाले थे।
राजू के बेटे तुषार वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात में पापा कूड़ा घर गए थे। शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि ट्रांसफर स्टेशन पर उनकी मौत हो गई है। पिता का शव मशीन के पास पड़ा था और उनकी नाक से खून बह रहा था। पैर में भी चोट के निशान मिले हैं। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजू की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। जांच के लिए विसरा और हार्ट को सुरक्षित रखा गया है।