रायबरेली। जिले के किसानों को अगली फसल की सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। करीब तीन लाख किसानों को सिंचाई के लिए छोटी नहरों से पानी मिलने में दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए 70 फीसदी माइनरों और 50 फीसदी रजबहों की सफाई कराई जाएगी।
नहरों की सफाई के लिए शासन ने ढाई करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। सिंचाई विभाग नहरों का सर्वे करा रहा है। इसके बाद सफाई कार्य शुरू कराया जाएगा। जिले में छोटी और बड़ी करीब 445 नहरें हैं। इन नहरों से करीब तीन लाख किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
इस बार नहरों की सफाई के लिए ढाई करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति मिली है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में उन नहरों की पहचान की जाएगी जिनमें सफाई कराने की जरूरत ज्यादा है। सफाई कार्य दशहरा के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
गत वर्ष नहरों की सफाई पर खर्च हुए थे सात करोड़
पिछले साल नहरों की सफाई पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसमें माइनरों और रजबहों को हेड से लेकर टेल तक साफ कराया गया था। इस समय में ज्यादातर नहरों में सिल्ट जमी है। इसके चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार आधे से कम बजट आवंटित किया गया है।
खंड और नहरों की लंबाई (किलोमीटर में)
रायबरेली खंड दक्षिणी-1034
सिंचाई खंड 45-277
शारदा सहायक उन्नाव खंड-229
शारदा नहर लखनऊ खंड-142
शारदा सहायक खंड 41-39
सिंचाई खंड प्रतापगढ़-75
सिंचाई खंड उन्नाव-41
जल्द शुरू होगी नहरों की सफाई
नहरों की सफाई के लिए ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस बजट से 70 फीसदी माइनरों और 50 फीसदी रजबहों की सफाई कराने की तैयारी चल रही है। नहरों का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही नहरों की सफाई शुरू कराई जाएगी।
- हेमंत कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग