दोनों चिकित्सा संस्थानों ने नियमित कक्षाएं चलाने को नई रणनीति बनाई है। इसके तहत तय किया है कि क्लास में मौजूद छात्रों को अलग-अलग बैच में बांट दिया जाएगा। वे कक्षा में मास्क लगाकर बैठेंगे। अभी तक जहां एक बेंच पर तीन से चार छात्र बैठते थे, अब दो-दो छात्र ही बैठेंगे।
छात्रों को शुरुआती दिनों में क्लास में आते-जाते वक्त और हॉस्टल में रहते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। केजीएमयू छात्र वेलफेयर डीन प्रो. नरसिंह वर्मा ने बताया कि एमसीआई के मानकों के अनुसार क्लास चलाना जरूरी है, लेकिन इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि छात्रों को वायरस से पूरी तरह बचा लिया जाए। इसके लिए योजना बनाई जा रही है।