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गिरधारी एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने पुलिस कर्मियों पर मर्डर की धाराओं में केस दर्ज करने का दिया आदेश

Thu, 25 Feb 2021 06:44 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एनकाउंटर में मारा गया था गिरधारी। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ में हुए गिरधारी एनकाउंटर पर सीजेएम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पुलिस कर्मियों पर मर्डर की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

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कोर्ट ने डीसीपी ईस्ट संजीव सुमन, इंस्पेक्टर विभूति खंड चंद्रशेखर सिंह और संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह फैसला सर्वजीत सिंह की याचिका पर दिया है।

बता दें कि अजीत सिंह की हत्या के आरोपी गिरधारी विश्वकर्मा की पुलिस रिमांड के दौरान मुठभेड़ में मौत को लेकर न्यायिक कार्रवाई में कोर्ट में झूठे तथ्य देने और कमिश्नर डीके ठाकुर, डीसीपी संजीव सुमन, एसीपी प्रवीण मालिक और थानाध्यक्ष विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग वाली अर्जी दी गई थी।  जिस पर जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने मामले की सुनवाई के लिए सीजेएम से रिपोर्ट तलब की थी।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सीजेएम 24 फरवरी की शाम तक रिपोर्ट देकर बताएं कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार एनकाउंटर में कौन से हथियार प्रयोग किए गए। घटना की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट को भेजा गया। क्या आजमगढ़ के वकील सर्वजीत की अर्जी पर रिपोर्ट देने के लिए पुलिस ने बिना कारण दर्शाए एक सप्ताह का समय लिया।

कोर्ट ने कहा कि यह आवश्यक हो गया है कि परिवादी की अर्जी में लगाये गए आरोप की चंद्रशेखर सिंह व आरोपियों ने न्यायिक कार्रवाई में झूठे तथ्य दिए हैं कि जांच कराई जाए या नहीं।

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अर्जी देकर कही थी ये बात

इसके पहले परिवादी राकेश विश्वकर्मा के वकील प्रांशु अग्रवाल ने अर्जी देकर बताया कि आरोपियों ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया है। कहा गया कि आरोपी मामले की रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रहे वहीं रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी पर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने बिना कारण दर्शाए रिपोर्ट देने के लिए सीजेएम से एक सप्ताह के समय की मांग की है।

वहीं सीजेएम को गाइडलाइंस के अनुसार, इस एनकाउंटर की सूचना भी नही दी गई। आरोपियों ने झूठे शपथपत्र भी दिए हैं लिहाजा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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