लखनऊ। सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने मंगलवार को निदेशक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। निदेशक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों ने निरीक्षण की आड़ में बेवजह कमियां निकालकर तंग करने का आरोप लगाया और उनका घेराव किया। सीएमएस, एमएस समेत दूसरे अफसरों ने कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया।
डॉ. कजली गुप्ता हाल ही में सिविल अस्पताल की निदेशक तैनात की गई हैं। अस्पताल की नर्सों, आउटसोर्स व स्थायी कर्मचारियों का आरोप है कि वह आए दिन ओपीडी, वार्ड से लेकर ओटी में निरीक्षण कर रही हैं। इस दौरान कर्मचारियों से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती हैं। उन्हें दंडित करने का भय दिखाती हैं।
ऐसे में मंगलवार को सभी संवर्ग के कर्मचारी ओपीडी बंद होने के बाद निदेशक कार्यालय के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। वहीं, निदेशक का कहना है कि कर्मचारियों के आरोप बेबुनियाद हैं। कई कर्मचारी अपने तय घंटों के मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं। कई कर्मचारी मौके से गायब मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें हिदायत दी गई है।
सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया गया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वह अस्पताल में जिम्मेदारी से समय पर मरीजों की सेवा करें।