लखनऊ। कैडी (गोल्फर का बैग उठाने वाला) के रूप में कॅरिअर शुरू होने दिग्गज गोल्फर विजय कुमार का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। शहर के विजय कुमार ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम कई बार रोशन किया। 57 वर्ष के खिलाड़ी के आकस्मिक निधन से गोल्फ जगत में शोक की लहर है।
वर्ष 1988 में एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर कॅरिअर शुरू करने वाले विजय ने अपनी मेहनत से यह साबित किया कि गोल्फ विशेष वर्ग का खेल नहीं है। उनकी सफलता को देखकर ही मार्टिनपुरवा गांव के 200 से अधिक कैडी आज उनके पदचिन्हों पर चल रहे हैं। इसमें कई खिलाड़ी तो पीजीटीआई टूर में प्रतिभाग कर चुके हैं।
29 दिसंबर 1968 में लखनऊ के मार्टिनपुरवा गांव में जन्मे विजय कुमार भारतीय गोल्फ के उन सात चुनिंदा सितारों में शामिल थे, जिन्होंने प्रतिष्ठित इंडियन ओपन (वर्ष 2002) जीता। घरेलू सर्किट पर उन्होंने चार बार ऑर्डर ऑफ मेरिट (वर्ष 1995 से 2000 के बीच) का खिताब अपने नाम किया। साल 1999 में सेंट एंड्रयूज (स्काॅटलैंड) में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके अंतरराष्ट्रीय कद की गवाही देता है। लखनऊ गोल्फ क्लब के कैप्टन आरएस नंदा ने भी शहर के दिग्गज खिलाड़ी के निधन पर शो जताया। बुधवार को विजय कुमार के सम्मान में गोल्फ क्लब की तमाम गतिविधियां स्थगित रहीं।