छोटी दिवाली पर भी शहरवासियों ने जमकर खरीदारी की। बाजारों में ऐसी भीड़ उमड़ी की सड़क जाम हो गई। करोड़ों रुपये की पूजन सामग्री का कारोबार हुआ।
जहां गणेश-लक्ष्मी की छोटी मूर्ति 50 रुपये में बिकी तो बड़ी मूर्ति के लिए 1000-1000 रुपये तक चुकाने पड़े।
वहीं, पटाखा कारोबार पर महंगाई का साया पड़ा तो खरीदारों ने सोच-समझकर खरीदारी की।
हालांकि इससे कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। शहर के अमीनाबाद, महानगर, हजरतगंज, आलमबाग, चौक, डालीगंज, निशातगंज, मुंशीपुलिया, भूतनाथ, पत्रकारपुरम गोमतीनगर, सदर, बंगलाबाजार, बाराबिरवा एवं राजाजीपुरम के बाजारों में खरीदारों के पहुंचने का सिलसिला दोपहर 12 बजे से शुरू हो गया।
सर्वाधिक भीड़ अमीनाबाद में उमड़ी। यहां पर 500 मीटर तक सड़क के दोनों तरफ चूरा, खील एवं गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की दुकानें सजी थीं। कोई भगवान की मूर्ति खरीद रहा था तो कोई थैले में चूरा-खील भरने में जुटा था।
यही हाल कपड़े एवं रेडीमेड की दुकानों का था। कारोबारी प्रतिनिधि अनिल बजाज ने बताया कि रात आठ बजे तक मोहन मार्केट, स्वदेशी मार्केट, प्रताप मार्केट, श्रीराम रोड, नजीराबाद, गणेशगंज एवं गड़बड़झाला में खरीदारों में जोश बरकरार रहा।
इसी प्रकार अन्य बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ से देर रात तक रौनक दिखी। 150 का लेजर बल्ब 300 रुपये मेंइस दिवाली चायनीज लेजर बल्ब और शोपीस लोगों को बहुत भाया। इसकी कीमत 150 रुपये थी पर डिमांड के चलते शनिवार दोपहर में ही अधिकतर बाजारों से लेजर बल्ब का स्टॉक खत्म हो गया।
इसके बाद यह बल्ब 300-300 रुपये में बिका। डालीगंज के कारोबारी बबलू जैन बताते हैं कि दूसरे नंबर पर एलईडी लाइट का भी अच्छा कारोबार हुआ।
लाटूश रोड के थोक कारोबारियों ने बताया कि उनके यहां शनिवार शाम ही कई प्रकार की सजावटी झालर खत्म हो गई। इस साल बीते साल से अधिक चायनीज माल मंगाया गया था।
50 रुपये में छोटी मूर्तिस्वदेशी शिल्पकारों की फैंसी गणेश-लक्ष्मी की बहार खूब दिखी, लेकिन कीमतें आसमान पर थीं। छोटी दिवाली पर 50 रुपये वाली मूर्ति सबसे अधिक बिकी।
पिछली दिवाली में इसके दाम 25 रुपये थे। चौक में मूर्तिकार राधेश्याम ने बताया कि गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों का रंग-रोगन एवं सजावट काफी महंगा हो गया है, इसीलिए छह इंच की मूर्तियों की कीमत 50 रुपये रखी गई है।
जबकि सबसे बड़े भगवान यानी 10 से 12 इंच की मूर्ति एक हजार रुपये तक में बिक रही है। इन मूर्तियों को वस्त्र भी धारण कराया गया है। मध्यम श्रेणी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की कीमत 400-500 रुपये है।
इसके अतिरिक्त किसी बाजार में खील किलो में तो किसी में पाव के हिसाब से बिकी। लोगों ने खील 80 से 110, चूरा 70 से 100, चीनी खिलौना 40 से 80 और गट्टा 70 से 80 रुपये किलो में खरीदा, जबकि मिट्टी के दीपक 60 से 80 रुपये सैकड़ा बिके।