लखनऊ। सिटी बसों की हड़ताल तीसरे दिन रविवार को खत्म हो गई। कर्मचारियों व सिटी ट्रांसपोर्ट प्रशासन के बीच वार्ता सफल रही। दोपहर बाद कुछ बसें सड़क पर निकल आईं। सोमवार से सभी 115 इलेक्ट्रिक सिटी बसें 22 रूटों पर चलेंगी। जिन मार्गों पर सिटी बसों की सेवाएं नहीं मिल रही हैं, यात्री लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के हेल्पलाइन नंबर 18001805014 पर फोन कर जानकारी ले सकते हैं।
सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक अमरनाथ सहाय ने बताया कि वर्ष 2021 में मेरिट के आधार पर संविदा पर परिचालकों की भर्ती की गई है। इन कर्मचारियों को अब समितियों के जरिये भर्ती करने के विरोध में बस चालक, परिचालक दुबग्गा डिपो में कार्य बहिष्कार कर रहे थे। इस मामले में रविवार को मंडलायुक्त और जीएम कार्मिक से वार्ता के बाद मिले आश्वासन पर कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।
बता दें कि तीन दिनों की हड़ताल से 25 हजार से अधिक दैनिक यात्री परेशान हुए और सिटी ट्रांसपोर्ट को करीब 18 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
ऑटो चालकों ने वसूले मनमाने रेट
सिटी बसों की हड़ताल के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अभ्यर्थियों ने ऑटो चालकों पर मनमानी किराया लेने का आरोप लगाया। हजरतगंज से चारबाग का किराया 15 रुपये है, लेकिन चालकों ने 35 रुपये तक वसूले। ऐसे ही 1090 चौराहे से चारबाग का किराया 25 रुपये है, लेकिन 50 से 60 रुपये तक वसूली की गई।
रोडवेज बस अड्डे पर सन्नाटा
रविवार को बीएड की परीक्षा देने आए अभ्यर्थी रोडवेज बसों की सेवा से दूर रहे। इस कारण परीक्षार्थियों की 50 हजार से ज्यादा की भीड़ होने के बाद भी आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा रहा। आलमबाग बस टर्मिनल के एआरएम प्रबंधन दिनेश सिंह ने बताया कि अतिरिक्त बसों की तैयारी की गई थी, लेकिन बस अड्डे पर ज्यादा परीक्षार्थी नजर नहीं आए।