लखनऊ के नदवा कॉलेज में सोमवार दोपहर पुलिस से टकराव, उपद्रव और पथराव के मामले में दो छात्रों समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन उत्तर प्रदेश के जिला महासचिव अजीज उर रहमान खालिद भी है।
एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि खालिद ने शुक्रवार दोपहर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पुराने लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया था। इसके अलावा सोमवार को दिल्ली के जामिया मिल्लिया विवि में हुए लाठीचार्ज के विरोध में नदवा कॉलेज में बवाल कर रहे लोगों में भी वह शामिल था।
एएसपी ट्रांसगोमती राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। एएसपी ट्रांसगोमती ने बताया कि नदवा कॉलेज में सोमवार दोपहर छात्रों के उपद्रव और पुलिस पर पथराव के वीडियो फुटेज से आरोपियों की पहचान की गई थी।
पकड़े गए लोगों में नदवा कॉलेज के छात्र नई दिल्ली के सदर बाजार ईदगाह रोड निवासी व यहां हसनगंज के कुतुबपुर में किराये में रह रहा मो. सऊद कुरैशी और बिहार के पूर्णिया स्थित रौठा बरडीहा का अरशद मोहसिन शामिल है।
अरशद नदवा कॉलेज के नोमानिया हॉस्टल में कमरा नंबर तीन में रहता है। दोनों को उपद्रव के दौरान मौके पर ही पथराव करते हुए पकड़ा गया था। इसके अलावा फुटेज देखकर हसनगंज के मुकारिमनगर का फैजी अहमद उर्फ फराज और मड़ियांव के नौबस्ता स्थित रामलीला मैदान के पास रहने वाले मो. अहमद को मंगलवार सुबह पकड़ा गया।
उधर, नदवा में छात्रों के बलवे के वीडियो फुटेज में बाजारखाला के भदेवा में रहने वाला अजीज उर रहमान उर्फ खालिद भी नजर आया। उसने शुक्रवार दोपहर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पार्टी के जिलाध्यक्ष काशिफ अहमद और महिला विंग की नगर अध्यक्ष रुखसाना जिया समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ हुसैनाबाद स्थित घंटाघर पर प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने चौक और ठाकुरगंज कोतवाली में खालिद, जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों समेत 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए थे। एएसपी ट्रांसगोमती ने बताया कि उपद्रव के कई वीडियो व फोटो पुलिस को मिले हैं, जिसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान की जा रही है। अभी तक 10 लोगों को पहचाना गया है। पुलिस की दो टीमें पहचाने गए लोगों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।