लखनऊ। जालसाजों ने एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर बिहार के अमरख मनियारी निवासी सीआईएसएफ जवान से 7.30 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर विभूतिखंड पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने कार्रवाई डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के आदेश पर की है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ जवान सुरेश सिंह के अनुसार, नौ अक्तूबर 2025 को अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोनकर्ता ने खुद को एक्सपर्ट एजुकेशन का कर्मचारी बताते हुए बेटी कोमल का दरभंगा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का दाखिला कराने की बात कही। वह 13 अक्तूबर को विभूतिखंड स्थित एक्सपर्ट एजुकेशन के दफ्तर पहुंचे। वहां उन्हें बछरावां निवासी काउंसलर तुषार वाजपेयी मिला। बात बनने पर उन्होंने 7.30 लाख का पर्सनल लोन लेकर रकम तुषार, शाहिस्ता इकबाल व बाराबंकी के असेनी निवासी सीमा के खाते में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद भी बेटी का दाखिला नहीं हुआ। 17 नवंबर की शाम उन्होंने तीनों को दफ्तर के पास पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक जांच में मामला सही पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गिरोह का स्टडी पाथवे कंसलटेंसी से संबंध
इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि एक्सपर्ट एजुकेशन फर्म नीट में दाखिला दिलाने के नाम पर 100 करोड़ की ठगी के आरोपी अभिनव शर्मा की है। पुलिस दिसंबर में अभिनव और उसके साथी को गिरफ्तार कर चुकी है। जिन लोगों पर सीआईएसएफ जवान ने आरोप लगाए हैं, वे सभी अभिनव के गिरोह के हैं, जो पहले अभिनव की स्टडी पाथवे कंसलटेंसी से जुड़ा था।