लखनऊ में सीमैप और एमएसएमई के सहयोग से हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न जिलों के 50 उद्यमियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने तकनीकी समाधान और निर्यात के नए अवसरों पर चर्चा की।
लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से बृहस्पतिवार को विकसित हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम हुआ। सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि सीमैप के लगभग 50 हर्बल उत्पादों की स्वदेशी तकनीक को अपनाकर हम विकसित देश बनने की ओर अग्रसर होंगे।
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एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. वीके वर्मा ने उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। तकनीकी सत्र में सहायक निदेशक एमएसएमई-डीएओ कानपुर अमित कुमार बाजपेई व डॉ. आलोक श्रीवास्तव और उद्योग विभाग की उपायुक्त शालिनी सिंह, एक्जिम बैंक के उपप्रबंधक रोहित भास्कर और सीमैप के व्यापार विकास विभाग के हेड डॉ. आरके श्रीवास्तव ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 50 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।