राजकीय पॉलीटेक्निक में ड्रोन लैब के उद्घाटन सत्र में प्रदर्शनी देखते अतिथि। स्वयं
लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली, बंगलूरू व राजस्थान ही नहीं अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी ड्रोन का निर्माण होगा। राजकीय पॉलीटेक्निक को बृहस्पतिवार को प्रदेश की पहली आधुनिक ड्रोन लैब की सौगात मिली है। करीब 15 लाख की कीमत से तैयार हुई इस लैब में एक साथ 50 से अधिक विद्यार्थियों को ड्रोन निर्माण का प्रशिक्षण मिलेगा। इस लैब की मदद से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के विद्यार्थी ड्रोन पायलट ही नहीं ड्रोन निर्माणकर्ता भी बन सकेंगे। राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य श्याम नारायण सिंह ने बताया कि परिसर में तीन साल पहले ड्रोन टेक्नोलॉजी में एक वर्षीय पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई थी। लेकिन, ड्रोन से जुड़ी लैब की आवश्यकता थी। विभाग के सहयोग से परिसर को इसकी सौगात मिल गई है। बीते तीन सालों में 50 के करीब विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है, इस सत्र में 28 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। अब इन्हें आधुनिक ड्रोन लैब में बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में बृहस्पतिवार को ड्रोन लैब का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्राविधिक शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक विजय पाल, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिंह मौजूद रहे।