घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल
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चित्रकूट जेल में मुठभेड़ में मारा गया शूटर अंशू दीक्षित उर्फ सुमित रायबरेली कारागार में दो महीने तक रहा। इस दौरान उसने अपनी धमक बना ली थी। उसकी और साथियों की दबंगई का आलम यह रहा कि उसके इशारे पर जेल प्रशासन घूमता था। जेल में शराब पार्टी और वही से फोन पर लोगों को धमकाना आम हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद जहां अंशु दीक्षित को दूसरी जेल स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं वीडियो वायरल मामले में जेल अधीक्षक समेत छह जेल कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
शार्प शूटर अंशू दीक्षित लखनऊ जेल से सितंबर 2018 को रायबरेली जेल लाया गया। यहां उसने शातिर अपराधी दलश्रृंगार और सोहराब के साथ मिलकर कई वीडियो बनाए। इन्हीं वीडियो के बल पर जेल प्रशासन को दबाव में लेते रहे। अंशु दीक्षित और उसके साथियों की हरकतों से जिला कारागार का अनुशासन तार-तार होने लगा। इससे दूसरे कैदी भी सिर उठाने लगे। आखिर में जेल प्रशासन को अंशु दीक्षित को नवंबर महीने में दूसरी जेल शिफ्ट करना पड़ा। इधर अंशू ने जेल में बनाए गए सभी वीडियो वायरल कर दिए। इनमें से एक वीडियो में अंशु दीक्षित ने तत्कालीन एसटीएफ के आईजी अमिताभ यस और जिला जेल प्रशासन पर अपनी जान को खतरा बताया। यही नहीं वीडियो में वह कह रहा है कि जेल में भ्रष्टाचार चरम पर है। खाने की थी व्यवस्था नहीं है।
दूसरे वीडियो में शराब पार्टी होना दिखाया जा रहा है। इसमें एक अपराधी जेलर को ₹10,000 देने की बात कह रहा है, जबकि दूसरा अपराधी किसे गुप्ता नाम के व्यक्ति को फोन से धमकी दे रहा है। एक अन्य वीडियो में जेल में मिल रहा खाना दिखाया जा रहा है। इसमें बुलेट, सिगरेट व अन्य आपत्तिजनक चीजें दिखाई दे रही हैं। इसी तरह के कई वीडियो वायरल होने पर तत्कालीन जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ल, डिप्टी जेलर समेत छह कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।
चित्रकूट जेल में अंशू दीक्षित की मौत की सूचना रायबरेली पहुंची तो यहां भी उसकी करतूतों और वायरल वीडियो फिर से चर्चा में आ गए। जिला जेल के प्रभारी अधीक्षक सत्य प्रकाश का कहना है कि चित्रकूट जेल में मारा गया अंशु दीक्षित करीब दो महीने तक जिला कारागार रायबरेली में रहा। इस दौरान साथियों के साथ उसने अपना आतंक बना रखा था। यह अलग बात है कि उस समय उनकी तैनाती यहां नहीं थी।