चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद रोक नहीं लग पाने से आए दिन राह चलते लोग इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर आईटी चौराहे के पास बाइक से जा रहे छात्र के गले में चाइनीज मांझा उलझ गया। हादसे में छात्र के गले में करीब सात सेमी. तक गहरा जख्म हो गया। गनीमत रही कि सांस की नली बच गई।
हुसैनगंज निवासी पत्रकार संजय त्रिपाठी का बेटा विभांशु (23) एमए प्रथम वर्ष का छात्र है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे वह बाइक से अलीगंज से आईटी चौराहा की ओर आ रहा था।
चौराहे से चंद कदम की दूरी पर विभांशु की गर्दन में अचानक चाइनीज मांझा फंस गया। इससे बचने के लिए विभांशु ने गर्दन हटाई। हालांकि, तब तक मांझे ने उसकी गर्दन का दायां हिस्सा बुरी तरह से काट दिया।
करीब सात सेमी. लंबा और गहरा कट लगने से खून का फव्वारा फूट पड़ा और विभांशु चीखते हुए सड़क पर गिर पड़ा। यह देख राहगीर एकत्र हो गए। आनन-फानन उसके मोबाइल से परिवारीजनों को सूचना दी गई।
परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उसे सिविल अस्पताल ले गए। यहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि घाव बहुत गहरा है। हालांकि जख्म सांस की नली यानी ट्रैकिया तक नहीं पहुंचा।
गनीमत रही कि मांझे से गर्दन के किनारे की तरफ घाव हुआ। यह घाव सामने के हिस्से में होता तो उसकी जान पर बन आती। फिलहाल उसकी हालत गंभीर है।