अदनान बताते हैं कि दो महीनों से वे घर पर बैठे हैं और काम की तलाश कर रहे हैं। कोरोना काल में नौकरी मिलना भी इतना आसान नहीं है। यह भी बताया कि चीन में वे कंपनी के खिलाफ किसी कोर्ट में गुहार भी नहीं लगा सकते, क्योंकि वहां विदेशियों को इतनी तवज्जो नहीं दी जाती।
मां के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए
बीते वर्ष जुलाई में जब अदनान की मां का इंतकाल हुआ, तब कंपनी ने उन्हें यह कहते हुए भारत आने से मना कर दिया कि इन हालातों में वापसी मुश्किल है। इसके लिए वीजा नियमों में ट्रैवल रिस्ट्रक्शन का हवाला दिया गया। वहीं, कुछ माह पहले फरमान सुनाया गया कि परिवार को भारत भेज दें, जिससे वर्क फ्रॉम होम की स्थिति में दिक्कत न पेश आए। नौकरी बचाने की जुगत में अदनान ने आनन-फानन परिवार को भारत भेज दिया। इसके बाद कंपनी ने घर से काम करने का बहाना बनाकर उन्हें भी चीन से लौटा दिया और एक ई-मेल कर नौकरी से निकाल दिया।