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'हम शपथ लेते हैं, बालिग न होने तक बाइक नहीं चलाएंगे'

Tue, 02 Feb 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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हम शपथ लेते हैं, बालिग न होने तक बाइक नहीं चलाएंगे। सदैव ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे। अपने परिवार, रिश्तेदार व दोस्तों को ट्रैफिक नियम के पालन के लिए प्रेरित करेंगे।
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यह शपथ सोमवार को ग्रीन लैंड पब्लिक स्कूल के 600 बच्चों ने ली। ट्रैफिक जागरूकता अभियान में टीएसआई प्रेम शंकर शाही, वीमेन पॉवर लाइन के आरक्षी भूप सिंह समेत अन्य ट्रैफिककर्मी मौजूद थे।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, कम उम्र के बच्चों द्वारा पावर बाइक व स्कूटी लेकर स्कूल आने पर उनका चालान किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपल को सौंपी गई है। उन्हें ट्रैफिक पुलिस के एडवाइजरी ग्रुप में जोड़ा गया है।
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बच्चों को दिया गया अलर्ट

इसमें बाइक से स्कूल आने वाले बच्चे की बाइक सहित फोटो खींचकर ग्रुप पर उपलब्ध कराएगी और उसका ई-चालान किया जाएगा।

इसे लेकर बच्चों को भी अलर्ट कर दिया गया। स्कूल की प्रिंसिपल रचना मिश्रा ने माना कि कम उम्र के बच्चों द्वारा बाइक लेकर आने पर स्कूल प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह से सफल नहीं है।

टीएसआई प्रेम शंकर शाही ने छात्रों को जानकारी देते हुए हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने के फायदे व नुकसान प्रोजेक्टर के जरिए बताए। इसके अलावा रोड साइन व सिग्नल की भी जानकारी दी।

छात्रों को सिर्फ बैट्री स्कूटी लाने की अनुमति

नाबालिग छात्रों को अब सिर्फ बैट्री चलित स्कूटी स्कूल लाने की अनुमति होगी। 50 सीसी पावर इंजन से ऊपर की कोई भी स्कूटी स्कूल परिसर में नाबालिग छात्र लाता पकड़ा गया तो स्कूटी का चालान होगा।

ट्रैफिक पुलिस छात्र के अभिभावकों को बुलाकर गाड़ी उनके सुपुर्द करेगी। हिदायत देकर दोबारा वाहन न देने की सलाह देगी।

स्टंटबाजी पर रहेगी नजर
ट्रैफिक पुलिस की माने तो स्टंटबाजी में स्कूली छात्र सबसे आगे हैं। पावर बाइक का अगला पहिया हवा में लहराकर दूर तक जाना या फिर अचानक ब्रेक लगाकर पिछला पहिया उठाने जैसे कमाल छात्र खूब सड़कों पर करते हैं।

हालांकि अभी तक पुलिस भी इन्हें नजर अंदाज कर देती थी। नियमों के सख्त होने बाद नाबालिग छात्र स्टंट करते मिले तो उनकी फोटो खींचकर प्रिंसिपल को भेजना होगा।
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ट्रांस गोमती के ये कॉलेज हुए शामिल

जयपुरिया, सीएमएस, आईआईएलएम, समेत 9 कॉलेज के प्रिंसिपल को ट्रैफिक ग्रुप में जोड़ा गया है।

इसके माध्यम से ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वाले छात्रों की फोटो खींचकर कॉलेज प्रशासन ट्रैफिक एडवाइजरी ग्रुप पर भेजेंगे।

जिसके बाद उन वाहनों के नंबर के आधार पर चालान किया जाएगा।
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