प्रतापगढ़ में एक एड्स पीड़ित व्यक्ति की मौत के बाद उसके बच्चों की दुर्दशा का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जागे प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारी जनों को रहने लिए पट्टे पर जमीन, खाने के लिए अनाज और काम के लिए मनरेगा का जाब कार्ड उपलब्ध कराया है।
परिवार के दो बच्चों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में दाखिला भी दिलाया गया है।
प्रतापगढ़ के मान्धाता ब्लाक अंतर्गत जमुआ गांव निवासी वहाजुद्दीन की एड्स से बीमारी के बाद मौत हो गई थी। वहाजुद्दीन की पत्नी आसिया बानो की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। वहाजुद्दीन के बच्चे के चार लड़के व एक लड़की है।
इनमें सबसे बड़े बच्चे की उम्र 21 साल व छोटे की नौ वर्ष। मां और पिता की मौत से दुखी बच्चों ने अपना पुश्तैनी मकान छोड़ दिया और पास के बाग में अपने मां-बाप की कब्र के पास ही पन्नी छा कर रहने लगे थे।
मुख्यमंत्री ने इस खबर का संज्ञान लेने के बाद प्रतापगढ़ के डीएम को पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने आनन-फानन में मदद को तेजी से कदम उठाए।
प्रतापगढ़ के डीएम विद्याभूषण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार तहसीलदार सदर ने पीड़ित परिवार को आवास के लिए डेढ़ बिस्वा जमीन का पट्टा उपलब्ध कराकर ग्रामवासियों के सहयोग से रहने की व्यवस्था करा दी है।
वहाजुद्दीन का अंत्योदयकार्ड उसके बड़े पुत्र रिजवान के नाम हस्तांतरित करवाकर अनाज उपलब्ध करा दिया गया है। बच्चों को आवासीय सुविधा केलिए बीडीओ को लोहिया आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके अलावा रिजवान को मनरेगा के अंतर्गत जाब कार्ड बनवा दिया गया है। वह काम करना चाहेगा तो उसे काम उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएम ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता दिलान जाने की भी संस्तुति की है। बताया गया है कि बच्चों को मेडिकल परीक्षण भी कराया गया लेकिन उनमें से कोई भी बच्चा एड्स से प्रभावित नहीं है।