बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बताकर लगाए गए टीकों से दो सौ बच्चे बीमार पड़ गए। उनके पैरों में सूजन आ गई है। देर रात बच्चों के रोने की आवाजें गांव के लगभग हर घर से गूंजती रहीं।
स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर ने ग्राम प्रधान को यह कहकर टरका दिया कि सुबह टीम भेजी जाएगी। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किए।
बाद में अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी को अभी सूचना दे रहे हैं। गांव में टीम भेजी जाएगी।
200 बच्चे बीमार, सभी के पैर में सूजन
मामला बांदा शहर से मात्र आठ किलोमीटर दूर सदर तहसील के कहला गांव का है। शनिवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की एएनएम उर्मिला वर्मा कहला गांव आईं थीं।
ग्राम प्रधान ओम प्रकाश निषाद ने बताया कि एएनएम के साथ गांव की ‘आशा’ शांति भी थी। एएनएम ने बच्चों को बीमारी आदि से बचाने के लिए टीका जरूरी बताया और गांव के लगभग दो सैकड़ा बच्चों को टीके लगाए।
इन सभी बच्चों की उम्र एक वर्ष या उससे कम है। प्रधान और इसी गांव के धीरज निषाद ने बताया कि टीकाकरण के बाद एएनएम चली गईं। कुछ घंटों बाद बच्चों के पैरों में सूजन आ गई।
सैंकडों बच्चे बीमार, अधिकारियों ने नहीं उठाए फोन
प्रधान ने बताया कि कई अभिभावक अपने बच्चे लेकर उनके पास आए। प्रधान ने फोन पर सुपरवाइजर को सूचना दी। प्रधान के मुताबिक सुपरवाइजर ने दो टूक कह दिया कि सुबह टीम लेकर आएंगे।
प्रधान ने बताया कि धीरज का 15 माह का पुत्र अमर सहित फूलचंद्र की एक माह की पुत्री, राम प्रसाद का एक वर्षीय पुत्र, बीरू निषाद का छह माह का पुत्र आदि लगभग दो सैकड़ा बच्चे बीमार हुए हैं।
इस बाबत रात करीब 8:30 बजे सीएमओ डा.एके सिंह और अपर सीएमओ डा.एबी कटियार को उनके सीयूजी और निजी नंबर पर फोन किए गए लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किए।