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मुख्य सचिव ने सौंपी मुख्यमंत्री को अभिषेक गुप्ता मामले की पूरी रिपोर्ट, कहा-प्रमुख सचिव का फैसला सही

Fri, 08 Jun 2018 11:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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abhishek gupta - फोटो : amar ujala
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मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अभिषेक गुप्ता के पेट्रोल पंप के जमीन विनिमय (अदला-बदली) मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों द्वारा निजी व्यक्ति की जमीन की सरकारी जमीन से अदला-बदली न करने की संस्तुति को सही करार दिया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अभिषेक गुप्ता के पेट्रोल पंप मामले में मुख्य सचिव से सुबह तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य सचिव ने दिन में लखनऊ के मंडलायुक्त, हरदोई के डीएम समेत राजस्व व मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के साथ बैठक करके शाम को यह रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी।

सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव ने पड़ताल में पाया कि मुख्यमंत्री को जमीन की अदला-बदली न किए जाने की संस्तुति सीधे प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने नहीं किया था और न ही आनन-फानन में यह फैसला हुआ था।
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चूंकि जिलाधिकारी हरदोई से लेकर शासन के राजस्व विभाग तक से प्रस्ताव सकारात्मक आया था। ऐसे में इस पर निर्णय से पहले मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर संतुष्ट होने के लिए प्रकरण का विस्तार से परीक्षण किया।

दो बार तथ्यात्मक सवाल किए और उसके बाद जमीन की अदला-बदली न किए जाने की संस्तुति की। विशेष सचिव मुख्यमंत्री सुभ्रांत शुक्ल और सचिव मुख्यमंत्री मृत्यंजय कुमार नारायण के मत के अनुरूप ही प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने मुख्यमंत्री से प्रस्ताव को अस्वीकृत करने की संस्तुति की।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आधिकारिक रूप से बताया कि मुख्य सचिव ने पाया कि जमीन की अदला-बदली करने के प्रस्ताव को अस्वीकृत किए जाने का निर्णय नियमानुसार है।

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मुख्य सचिव की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • लखनऊ-हरदोई मार्ग पर जनपद हरदोई के ग्राम रैसो की भूमि गाटा संख्या 184 के भूमिधर अभिषेक गुप्ता हैं । इन्होंने अपनी भूमि का विनिमय ग्राम समाज के रास्ते की भूमि गाटा संख्या 187 से करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
  • रास्ते की भूमि सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि होती है। राजस्व संहिता की धारा-77(2) के परन्तुक के अनुसार लोक उपयोगिता की भूमि की श्रेणी अपवादा स्वरूप ही बदली जा सकती है। लोक उपयोगिता की भूमि की श्रेणी परिवर्तन के कारणों का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है।
  • यूपी राजस्व संहिता-2006 की धारा-77(3) के अनुसार प्रदेश सरकार भूमि की श्रेणी परिवर्तित करते समय या संहिता की धारा 101 के अन्तर्गत उसके विनिमय की अनुमति देते समय आरक्षित किये जाने के लिए या विनिमय किए जाने के लिए प्रस्तावित भूमि की स्थिति, लोक उपयोगिता और उपयुक्तता पर विचार करेगी।
  • राजस्व संहिता की धारा-77(2) में प्राविधान है कि राज्य सरकार संहिता की धारा-101 के अंतर्गत लोक उपयोगिता  की भूमि के विनिमय की अनुज्ञा विहित रीति से दे सकेगी।
  • राजस्व अनुभाग-3 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-722/एक-3-16-रा-3, दिनांक 14 जून 2016 के प्रस्तर.-2अके अनुसार निजी उद्योगों, निजी संस्थाओं, निजी कंपनियों व न्यासों आदि के लिए श्रेणी परिवर्तन में अंतिम निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री अधिकृत हैं।
  • अभिषेक गुप्ता की गाटा संख्या-184 का रास्ता गाटा संख्या-187 (जो लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित है) से विनिमय किए जाने के प्रस्ताव का परीक्षण शासन स्तर पर किया गया।
  • परीक्षणोपरान्त धारा-77(3) के अनुसार यह पाया गया कि रास्ते के रूप में दर्ज भूमि लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित है और उसका विनिमय अभिषेक गुप्ता ने अपने गाटा संख्या-184 के पिछले भाग से करने का प्रस्ताव किया है।
  • इस प्रकार ग्राम समाज की रास्ते की भूमि जो राजमार्ग पर स्थित थी, को अपने गाटे के सड़क से पीछे की ओर दिए जाने से उसकी स्थिति, लोक उपयोगिता और उपयुक्तता नहीं रह जाएगी।  ऐसे में प्रस्तावित भूमि का विनिमय राजस्व संहिता के अनुसार लोक उपयोगी एवं उपयुक्त नहीं पाया गया।
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