मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अभिषेक गुप्ता के पेट्रोल पंप के जमीन विनिमय (अदला-बदली) मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों द्वारा निजी व्यक्ति की जमीन की सरकारी जमीन से अदला-बदली न करने की संस्तुति को सही करार दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अभिषेक गुप्ता के पेट्रोल पंप मामले में मुख्य सचिव से सुबह तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य सचिव ने दिन में लखनऊ के मंडलायुक्त, हरदोई के डीएम समेत राजस्व व मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के साथ बैठक करके शाम को यह रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी।
सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव ने पड़ताल में पाया कि मुख्यमंत्री को जमीन की अदला-बदली न किए जाने की संस्तुति सीधे प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने नहीं किया था और न ही आनन-फानन में यह फैसला हुआ था।
चूंकि जिलाधिकारी हरदोई से लेकर शासन के राजस्व विभाग तक से प्रस्ताव सकारात्मक आया था। ऐसे में इस पर निर्णय से पहले मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर संतुष्ट होने के लिए प्रकरण का विस्तार से परीक्षण किया।
दो बार तथ्यात्मक सवाल किए और उसके बाद जमीन की अदला-बदली न किए जाने की संस्तुति की। विशेष सचिव मुख्यमंत्री सुभ्रांत शुक्ल और सचिव मुख्यमंत्री मृत्यंजय कुमार नारायण के मत के अनुरूप ही प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने मुख्यमंत्री से प्रस्ताव को अस्वीकृत करने की संस्तुति की।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आधिकारिक रूप से बताया कि मुख्य सचिव ने पाया कि जमीन की अदला-बदली करने के प्रस्ताव को अस्वीकृत किए जाने का निर्णय नियमानुसार है।